चंडीगढ़। कड़ाके की ठंड में रक्तदान करने वालों की संख्या तेजी से कम हो रही है। इस दौरान रक्तदाताओं के घर से बाहर न निकलने से ब्लड बैंकों में खून की कमी होने लगी है। स्थिति यह है कि पीजीआई और जीएमसीएच 32 के ब्लड बैंकों में निगेटिव के साथ ही पॉजिटिव ब्लड ग्रुप के स्टॉक कम होते जा रहे हैं। दोनों अस्पतालों में भर्ती मरीजों के परिजनों को एक-एक यूनिट खून के लिए यहां से वहां भटकना पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन को चिंता सताने लगी है कि अगर रक्तदान की संख्या नहीं बढ़ी तो मरीजों का इलाज प्रभावित होने लगेगा। पीजीआई और जीएमसीएच ने युवाओं से ठंड की परवाह किए बिना रक्तदान करने की अपील की है। पीजीआई के चिकित्सा अधीक्षक प्रो. विपिन कौशल का कहना है कि रक्तदान करने से किसी भी तरह की परेशानी नहीं होती इसलिए बिना कोई तनाव लिए तय समय पर जरूर रक्तदान करना चाहिए।
रक्तदान कीजिए.. ये आपके लिए भी है फायदेमंद
- रक्तदान करने से हार्ट अटैक का खतरा कम हो जाता है क्योंकि रक्तदान से खून का थक्का नहीं जमता, इससे खून कुछ मात्रा में पतला हो जाता है।
- रक्तदान से वजन कम करने में मदद मिलती है। इसीलिए हर साल कम से कम 2 बार रक्तदान करना चाहिए।
- रक्तदान से शरीर में ऊर्जा आती है क्योंकि उसके बाद नए ब्लड सेल्स बनते हैं। इससे शरीर में स्फूर्ति आती है।
- रक्तदान से लिवर से जुड़ी समस्याओं में राहत मिलती है। शरीर में ज्यादा आयरन की मात्रा लिवर पर दवाब डालती है और रक्तदान से आयरन की मात्रा संतुलित हो जाती है।
-आयरन की मात्रा संतुलित होने से लिवर स्वस्थ बनता है और कैंसर का खतरा भी कम हो जाता है।
इनसेट-
रक्तदान करने से पहले इसका रखें ध्यान
- रक्तदान करने वाले दिन सुबह ठीक से नाश्ता करें, भरपूर पानी पिएं।
- अगर कोई दवा नियमित रूप से लेते हैं तो उसे जरूर लें, रक्तदान करने से पहले इसकी जानकारी वहां मौजूद डॉक्टर को जरूर दें।
- रक्तदान करने से पहले भरे जाने वाले फार्म में सभी जानकारियां ठीक से भरें।
- अगर आपने पूर्व में रक्तदान किया है तो उसके 90 दिन गुजर चुके हों।
पीजीआई और जीएमसीएच 32 का ब्लड स्टॉक- (20 जनवरी)
ब्लड ग्रुप यूनिट पीजीआई जीएमसीएच 32
ओ पॉजिटिव 63/102
ओ निगेटिव 5/1
ए पॉजिटिव 39/20
ए निगेटिव 9/2
बी पॉजिटिव 2/23
बी निगेटिव 10/3
एबी पॉजिटिव 37/48
एबी निगेटिव 2/2
कोट
ठंड के कारण रक्तदाताओं की संख्या अचानक से कम हो जाती है। ब्लड बैंकों में खून की कमी के खतरे को देखते हुए लगातार रक्तदान शिविर लगा रहे हैं। युवाओं से अपील है कि वे ज्यादा से ज्यादा संख्या में रक्तदान कर जरूरतमंद मरीजों की जान बचाने में योगदान दें।
- राकेश कुमार संगर, प्रधान श्री शिव कावंड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट