चंडीगढ़। केंद्रीय आवास एवं शहरी मामले और बिजली मंत्री मनोहर लाल ने पंजाब में पीएम सूर्य घर योजना के सफल होने पर संदेह जताया है। उन्होंने पंजाब सरकार की हर महीने प्रति परिवार 300 यूनिट बिजली मुफ्त योजना को फ्री बीज कहा। हालांकि चंडीगढ़ को लेकर वह काफी सकारात्मक दिखे और कहा कि चंडीगढ़ में यह योजना अच्छे से लागू होगी। लोग प्लांट लगवाएंगे तो उनका बिल भी शून्य हो जाएगा। कई लोग पंजीकरण भी करा चुके हैं। केंद्रीय मंत्री चंडीगढ़ के दौरे पर थे। इस दौरान उन्होंने पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ के विभिन्न विभागों के साथ विभिन्न योजनाओं की समीक्षा की। इसमें उन्होंने पीएम सूर्य घर योजना को लेकर काफी गंभीरता दिखाई। समीक्षा के बाद केंद्रीय मंत्री ने कहा कि चंडीगढ़ में योजना के अंतर्गत काफी लोगों ने पंजीकरण कराया है। इसमें केंद्र सरकार सब्सिडी देती है और कुछ यूटी प्रशासन भी टॉपअप कराएगा। यह एक अच्छा और सफल मॉडल हो सकता है। इसमें जीरो बिलिंग का प्रावधान है। एक परिवार को जितनी बिजली की आवश्यकता है, वह 3 किलोवाट तक के प्रोजेक्ट में पूरा हो जाता है। इससे बिल जीरो आएगा। अगर बिजली ज्यादा पैदा होती है तो वह ग्रिड में जाएगी और लोगों को भी लाभ मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस योजना की चंडीगढ़ में सफल होने के संभावनाएं ज्यादा हैं, लेकिन पंजाब में कम, क्योंकि वहां पंजाब सरकार ने फ्री बीज के नाते से कुछ यूनिट बिजली फ्री दिए हुए हैं। इसलिए लोग वहां पीएम सूर्य योजना में रुचि नहीं रख रहे हैं क्योंकि उनको ऐसा लग रहा है कि वहां भी फ्री मिलना है और यहां भी बिजली फ्री मिलती है। एस्टेट ऑफिस ने 500 वर्ग गज या उससे ज्यादा एरिया के मकानों पर सोलर प्लांट नहीं लगाने वाले करीब 4500 मकान मालिकों को नोटिस भेजा था। प्लांट नहीं लगवाने पर मकानों को सील करने की चेतावनी दी थी। इन्हें दो महीने का समय दिया गया था। प्रशासक गुलाबचंद कटारिया ने कहा था कि जो भी दो महीने में सोलर प्लांट के लिए आवेदन करेगा, उन्हें नोटिस से राहत दी जाएगी। जानकारी के अनुसार अब तक करीब 820 लोगों ने आवेदन किया है। वहीं, पीएम सूर्य घर योजना में विभाग के पास 4800 पंजीकरण हो चुके हैं।