मनीमाजरा जमीन के लिए गठित समिति अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी
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चीफ इंजीनियर को हटाने का मुद्दा भी गरमाएगा
माई सिटी रिपोर्टर
चंडीगढ़। नगर निगम सदन की बैठक 3 नवंबर को होने जा रही है जिसमें कई मुद्दों पर बहस होने की संभावना है। बैठक में मेयर के हालिया विदेश दौरे पर विपक्ष सवाल उठाने की तैयारी में है। वहीं शहर की स्ट्रीट लाइट, सड़कों की मरम्मत और सफाई व्यवस्था जैसे मुद्दों पर भी हंगामे के आसार हैं।
पिछले दिनों आम आदमी पार्टी ने बयान जारी कर कहा था कि एक तरफ नगर निगम वित्तीय घाटे में है दूसरी तरफ मेयर लगातार विदेश दौरा कर रही हैं। ऐसे में बताना चाहिए कि इसके लिए बजट नगर निगम की तरफ से जारी हो रहा है या मेयर खुद के पैसे से विदेश जा रही हैं। इसके अलावा मनीमाजरा में जमीन बेचने के लिए गठित समिति अपनी रिपोर्ट भी बैठक में पेश करेगी जिस पर बहस छिड़ने की संभावना है। निगम प्रशासन इन मुद्दों पर विपक्ष के हमलों का सामना करने के लिए तैयारियों में जुटा हुआ है। मनीमाजरा में जमीन बेचकर नगर निगम करीब 796 करोड़ की कमाई की बात कर चुका है। विपक्ष ने आरोप लगाया था कि यह चंडीगढ़ के इतिहास का सबसे बड़ा घोटाला साबित होने जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार विपक्ष चीफ इंजीनियर संजय अरोड़ा को हटाए जाने के निर्णय पर भी निगम प्रशासन को घेरने की रणनीति बना रहा है। इसमें आम आदमी पार्टी और कांग्रेस पहले ही इस पर अपना विरोध जता चुके हैं। सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर सिंह बंटी, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता और आम आदमी पार्टी की पार्षद प्रेमलता ने इसको लेकर सार्वजनिक बयान जारी करते हुए फैसले को गलत बताया था। इसके अलावा चंडीगढ़ आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने भी फैसले का विरोध किया है। सूत्रों का कहना है कि प्रशासन स्तर पर यह खबर गई थी कि चीफ इंजीनियर विपक्ष के पार्षदों को मनीमाजरा में जमीन और 24 घंटे पानी प्रोजेक्ट पर दस्तावेज उपलब्ध कराते थे जिससे विपक्ष सदन में मेयर और भाजपा पर हमलावर रहता था। इसकी शिकायत कई पार्षदों ने प्रशासन और पार्टी के स्तर पर की थी जिसके बाद चीफ इंजीनियर को हटाने की कार्रवाई की गई है।