चंडीगढ़। सेक्टर-17 बस स्टैंड के सीटीयू की बॉक्स ब्रांच और कैश ब्रांच से 13.13 लाख रुपये चोरी के मामले का क्राइम ब्रांच ने खुलासा कर दिया है। इस चोरी की साजिश एक पुलिसकर्मी और उसके भतीजे ने मिलकर रची थी। क्राइम ब्रांच ने दोनों से अलग-अलग पूछताछ कर उन्हें सवालों में इस कदर उलझाया कि चाचा-भतीजे का झूठ खुद-ब-खुद सामने आ गया।
क्राइम ब्रांच ने जांच की शुरुआत बस स्टैंड परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों से की। फुटेज में पुलिस की वर्दी पहने एक व्यक्ति बस स्टैंड की ओर जाता दिखाई दिया। इसके बाद क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर सतविंदर दुहन के नेतृत्व में तीन टीमों का गठन किया गया। टीमों ने आसपास के सभी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच में सामने आया कि वारदात के कुछ ही देर बाद पार्किंग से एक कार बाहर निकलती दिखी। कार का नंबर ट्रेस करने पर वह सब-इंस्पेक्टर वेदपाल दहिया के नाम दर्ज पाई गई।
पुलिस ने वेदपाल को पूछताछ के लिए बुलाया। शुरुआत में उसने चोरी से साफ इन्कार किया और दावा किया कि वह बस स्टैंड अपने भतीजे को छोड़ने आया था लेकिन जब पुलिस ने उससे लगातार सवाल किए तो वह अपने बयानों में उलझता चला गया। कभी भतीजे के लौटने की बात कही तो कभी अकेले आने की। इसी दौरान पुलिस ने सुरक्षा गार्ड को आरोपी की आवाज सुनवाई, जिस पर गार्ड ने कहा कि वारदात के समय सुनी आवाज इसी व्यक्ति जैसी थी।
वेदपाल नहीं टूटा तो क्राइम ब्रांच ने रणनीति बदली
जब वेदपाल नहीं टूटा तो क्राइम ब्रांच ने रणनीति बदली। पुलिस ने सोनीपत निवासी भतीजे प्रशांत को हिरासत में लेकर उससे कहा कि उसके चाचा ने सब कुछ कबूल कर लिया है। यह सुनते ही प्रशांत टूट गया और उसने चोरी की वारदात में शामिल होने की बात स्वीकार कर ली। उधर, पुलिस ने वेदपाल से कहा कि प्रशांत ने पूरा सच बता दिया है। इसके बाद वेदपाल भी टूट गया और उसने अपराध कबूल कर लिया। पूछताछ में वेदपाल ने बताया कि उसका भतीजा कुछ दिन पहले गांव से चंडीगढ़ आया था। दोनों ने मिलकर सीटीयू कैश ब्रांच में चोरी की योजना बनाई। हैरानी की बात यह है कि वेदपाल की मासिक सैलरी करीब एक लाख रुपये है और उसके पास जमीन भी है। इसके बावजूद उसने चोरी क्यों की, इसका वह कोई ठोस कारण नहीं बता पाया। सीटीयू में उसकी पहचान एक ईमानदार अफसर के तौर पर थी।
सेक्टर-17 की पार्किंग में ही वर्दी बदली, प्रशांत बैंक कर्मचारी
जांच में सामने आया कि आरोपी अपनी ही कार के इस्तेमाल के कारण फंस गया। सीसीटीवी फुटेज में वारदात के बाद उसकी कार पार्किंग से निकलती दिखी। पूछताछ में उसने बताया कि वह कार से सेक्टर-17 पहुंचा था और पार्किंग में ही वर्दी बदली। पुलिस को गुमराह करने के लिए उसने हाथ में हेलमेट भी लटकाया ताकि लगे कि वह बाइक से आया है। वारदात 27 जनवरी तड़के करीब तीन बजे की है। आरोपी ने कैश ब्रांच में चेकिंग का बहाना बनाकर सुरक्षाकर्मी को भरोसे में लिया, सीटीयू अधिकारियों के नाम बताए और अंदर घुसते ही गार्ड को कमरे में बंद कर दिया। इसके बाद लॉकर खोलकर 13.13 लाख रुपये लेकर भतीजे के साथ फरार हो गया। प्रशांत बैंक कर्मचारी बताया जा रहा है। दोनों आरोपी तीन दिन के पुलिस रिमांड पर हैं और पुलिस जल्द ही नकदी व पुलिस वर्दी की बरामदगी करेगी।