मोहाली। शहर के पॉश इलाके फेज-3बी2 में एक ही मकान में एक साल में अब तक चार बार चोरी हो चुकी है। इसमें पहली चोरी मार्च में और दूसरी मई मे, जबकि तीसरी सितंबर में और अब चौथी चोरी एक नवंबर को दिनदहाड़े हुई है। इस संबंधी शिकायतकर्ता रूपेश सिंह की शिकायत पर मटौर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जबकि इससे पहले हुई तीन चोरियों के बाद उसने पुलिस को शिकायत दी थी, लेकिन एफआईआर दर्ज नहीं की गई थी। शिकायतकर्ता ने बताया कि वह मकान में अकेला रहता है। उसके घर के सामने एक डीएसपी का मकान है। वहीं, घर से थोड़ी दूर ही डिप्टी मेयर कुलजीत सिंह बेदी रहते हैं। इलाका काफी पॉश है। यहां चोरियां होना पुलिस की जिम्मेदारी पर सवाल खड़े करता है। इलाके में पुलिस को गश्त बढ़ानी चाहिए, क्योंकि अब तो दिनदहाड़े चोरियां हो रही हैं। चोर सीसीटीवी कैमरों में चेहरा आने के बावजूद भी नहीं डर रहे हैं। डीएसपी के घर में पांच कैमरे लगे हैं जिनका एंगल उसके घर की ओर है। इसके अलावा दो कैमरे उसके घर में लगे हैं, लेकिन फिर भी उसके घर में साल में चार बार चोरी हो गई।
उन्होंने बताया कि एक नवंबर को उसकी बहन और परिजन घर पर आए थे और दोपहर डेढ़ बजे हम सभी जरूरी काम से बाहर चले गए। शाम सवा पांच बजे जब वह लौटे तो देखा कि घर के पीछे की ओर से जाली काटकर चोर घर के अंदर घुसे और इसके बाद उन्होंने खिड़की तोड़कर अंदर घुसने की कोशिश की, लेकिन वहां ग्रिल लगी होने के चलते अंदर नहीं घुस पाए। इसके बाद उन्होंने दरवाजा तोड़ने की कोशिश की लेकिन नहीं टूटा। इसके बाद करीब डेढ़ फुट के रोशनदान की जाली काटकर चोर अंदर घुसा और फिर दरवाजा अंदर से खोला और बाकी चोर अंदर घुसे जो घर में से मोबाइल, चांदी का शोपीस जैसा सामान, पीतल की तलवारें, घर में रखे करीब एक हजार रुपये और अन्य दस्तावेज ले गए। घर में हुई चोरी देखकर 112 पर कॉल की तो उसके बाद पीसीआर आई और कार्रवाई करके चली गई। वहीं, जब वे थाने गए तो उनका केस दर्ज नहीं किया और कहा गया कि रजिस्टर खत्म हो गया है। कल शिकायत ली जाएगी। इसके बाद उन्होंने इस संबंधी एसएसपी डॉ. संदीप गर्ग को सूचित किया। वहीं, अब एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्होंने पुलिस से गुहार लगाई है कि इस चोर को पकड़ा जाए ताकि वे सुकून से जिंदगी गुजार सकें।
गिरोह में शामिल हो सकता है छोटा बच्चा भी
रूपेश सिंह ने बताया कि रोशनदान की जाली काटकर अंदर घुसने से लग रहा है कि गिरोह में कोई छोटा बच्चा भी शामिल है, क्योंकि रोशनदान करीब डेढ़ से दो फुट का है और उसमें से किसी बड़े व्यक्ति का अंदर आना नामुमकिन है। जरूर जाली काटने के बाद कोई छोटा बच्चा अंदर घुसा होगा और उसने ही दरवाजा खोलकर गिरोह के बाकी सदस्यों को अंदर बुलाया होगा, क्योंकि घर से चोरी हुए सामान पुरानी परातें, थालियां आदि हैं और उसे बच्चे द्वारा ले जाना संभव नहीं है।
डीवीआर का बदल गए पासवर्ड
रूपेश ने कहा कि आरोपियों में कोई आईटी का जानकर लगता है क्योंकि वे उसका डीवीआर चुराने के बजाय उसका पासवर्ड बदल गए हैं। इस कारण वह डीवीआर से पुरानी रिकॉर्डिंग भी नहीं निकाल पाए हैं। इतना ही नहीं, उन्होंने दो कैमरे लगवाने के लिए और खरीदे थे। एक कैमरा टेबल पर पड़ा था और दूसरा उन्होंने डस्टबिन में छुपाया था। टेबल पर रखा कैमरा वे साथ ले गए जबकि डस्टबिन वाला बच गया। अब उन्होंने तय किया है कि वे घर की सुरक्षा को और पुख्ता करेंगे।
घर में लंबे समय से फेंकी जा रही शराब की बोतलें
रूपेश ने बताया कि कुछ लोग उनका घर हड़पना चाहते हैं। काफी समय से उन्हें तंग किया जा रहा है ताकि वे घर छोड़कर बेचने को मजबूर हो जाएं। काफी समय से उनके घर में शराब की खाली बोतलें तक फेंकी जा रही हैं, इससे वह दुखी हो चुके हैं।