चंडीगढ़। यूटी प्रशासन की तरफ से मंगलवार को भी प्रवासी मजदूरों को स्पेशल श्रमिक ट्रेन से उन्हें घर भेज गया। इस बीच कई अव्यवस्थाएं भी देखने को मिलीं। प्रशासन द्वारा श्रमिकों तक पूरी जानकारी नहीं पहुंचा पाने की वजह से मंगलवार सुबह कई मजदूर कलाग्राम पहुंच गए। बाद में पता चला कि प्रशासन ने स्क्रीनिंग करने के लिए सिर्फ आईएसबीटी-43 का ही चयन किया है। इसके बाद मजदूर वहां पहुंचे लेकिन देरी हो जाने की वजह से यह श्रमिक अपने घर नहीं जा पाए।
यूटी प्रशासन की तरफ से जारी आदेशों के अनुसार, पहले आईएसबीटी-43 और कलाग्राम में मजदूरों का हेल्थ स्क्रीनिंग की जानी थी। इसके बाद उन्हें बसों के माध्यम से रेलवे स्टेशन पहुंचाया जाना था लेकिन रविवार को आई तेज आंधी व बारिश की वजह से कलाग्राम में प्रशासन की तरफ से लगाए गए सभी टेंट उखड़ गए। इसके बाद सभी मजदूरों को आईएसबीटी-43 लाया गया। उधर, सोमवार सुबह कलाग्राम में टेंट और कुर्सियां लगाई गईं और पूरे इलाके को सैनिटाइज भी किया गया। यह देखते हुए कई मजदूर वहां पहुंच गए, लेकिन बाद में पता चला कि आईएसबीटी-43 में स्क्रीनिंग के बाद उन्हें टिकट दिया जाएगा। इसके बाद जब तक मजदूर आईएसबीटी-43 पहुंचे देर हो गई थी। इस कारण वह अपने घर नहीं जा सके। मजदूरों ने आरोप लगाया कि प्रशासन की तरफ से सही जानकारी नहीं दी जा रही है।
ट्रेन में बैठाने से पहले सभी मजदूरों की हुई हेल्थ स्क्रीनिंग
मंगलवार को एक ट्रेन बिहार के किशनगंज जबकि एक ट्रेन यूपी के जिला गोरखपुर के लिए चलाई गई, जिसमें प्रवासी मजदूरों को बैठाकर उन्हें घर के लिए रवाना किया गया। ट्रेन में बैठाने से पहले सभी मजदूरों के स्वास्थ्य जांचा गया। इसके लिए अस्पतालों से डॉक्टरों की टीम पहुंची थी। थर्मल स्कैनिंग करने के बाद स्वस्थ पाए जाने के बाद सभी मजदूरों को ट्रेन का टिकट पकड़ाया गया और बस में बैठाकर रेलवे स्टेशन रवाना किया गया। यहां पर सभी मजदूरों को लंच भी दिया गया। इसके बाद एक बस में 27 मजदूरों को बैठाकर रेलवे स्टेशन पहुंचाया गया। जहां से वह अपने अपने घर के लिए रवाना हुए। रेलवे स्टेशन पर प्रशासन की तरफ से मजदूरों के लिए रात के खाने का भी प्रबंध किया गया।