फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

सरकारी वकील से पंगा: सिरसा पुलिस के एसपी से लेकर थाना स्टाफ पर लटकी कार्रवाई की तलवार, DGP से रिपोर्ट तलब

Sun, 22 Sep 2024 11:45 AM IST
चंडीगढ़ ब्यूरो न्यूज डेस्क, अमर उजाला, चंडीगढ़

सार

सरकारी वकील से बदतमीजी करना हरियाणा पुलिस को महंगा पड़ गया। वकील ने पुलिस स्टाफ के खिलाफ पंजाब हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसपर उच्च न्यायालय ने संज्ञान लिया है।
विज्ञापन
पंजाब हरियाणा हाईकोर्ट। - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

सरकारी वकील से फोन पर दुर्व्यवहार सिरसा के एसपी व रोड़ी पुलिस स्टेशन के एसएचओ को भारी पड़ गया और अब उन पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने हरियाणा के डीजीपी को आदेश दिया है कि वह सरकारी वकील से दुर्व्यवहार व हाईकोर्ट के कामकाज में हस्तक्षेप मामले की जांच कर स्टेटस रिपोर्ट दायर करें। हाईकोर्ट ने इस मामले में आदेश की कॉपी मुख्य सचिव को भेजने का भी निर्देश दिया है।

विज्ञापन


सिरसा निवासी संतोख सिंह के खिलाफ रोड़ी पुलिस स्टेशन में आर्म्स एक्ट व अन्य धाराओं में केस दर्ज किया गया था। मामले में नियमित जमानत की मांग को लेकर याचिका हाईकोर्ट में विचाराधीन है। इस मामले में सिरसा पुलिस से हाईकोर्ट ने कुछ जानकारी मांगी थी। जब मामले की सुनवाई शुरू हुई तो सरकारी वकील ने स्टेटस रिपोर्ट दाखिल करने के लिए कुछ समय की मांग की। हाईकोर्ट ने पूछा कि जब मांगी गई जानकारी के लिए सरकार को अग्रिम सूचना दी गई थी, तो संबंधित विभाग से जवाब क्यों नहीं प्राप्त हुए।

सरकारी वकील ने बताया कि उसने एसएचओ को फोन किया था, एसएचओ ने कहा कि मामले के जांच अधिकारी जानकारी देंगे। इसके बाद सरकारी वकील ने संबंधित जांच अधिकारी से बात की तो वह नशे की हालत में था और दुर्व्यवहार किया। इसके बाद जांच अधिकारी ने मोबाइल फोन ईएचसी अशोक को सौंप दिया और वह भी नशे की हालत में था, उसने भी दुर्व्यवहार किया। इसके पुलिस अधीक्षक विक्रांत भूषण को फोन किया तथा पूरी घटना बताई, लेकिन उन्होंने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बजाय दुर्व्यवहार किया।
विज्ञापन


उन्होंने इस मामले में अदालत की सहायता करने तथा राज्य के बचाव के लिए कोई भी निर्देश देने से साफ इनकार कर दिया। हाईकोर्ट ने कहा कि मामला काफी गंभीर है, सरकारी वकील जो कोर्ट के अधिकारी हैं उनके साथ दुर्व्यवहार करना न्यायिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप करने के समान है। ऐसे में हाईकोर्ट ने हरियाणा के डीजीपी को मामले की जांच कर अगली सुनवाई से पहले की गई कार्रवाई की रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया।

एसएचओ की मौजूदगी पर उठाए सवाल
सुनवाई के दौरान एसएचओ पुलिस स्टेशन रोड़ी नरेंद्र अदालत में मौजूद थे। कोर्ट के पूछने पर उन्होंने बताया कि न तो उन्हें कोर्ट ने बुलाया है और न ही सरकारी वकील ने। हाईकोर्ट ने सवाल उठाते हुए कहा कि हरियाणा सरकार के निर्देश हैं कि जब तक कोर्ट की ओर से बुलाया न जाए तब तक पुलिस अधिकारियों की व्यक्तिगत उपस्थिति की आवश्यकता नहीं है।

विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें