चंडीगढ़। परीक्षा को लेकर छात्रों की बढ़ रही धड़कन को कम करने के लिए छात्र नेता विद्यार्थियों को मेल, वाट्सएप और सोशल मीडिया के जरिये संदेश भेज रहे हैं। इसमें कहा जा रहा है कि यूजीसी पर भरोसा रखो। सभी छात्रों का कल्याण वहीं से संभव है। 99 फीसदी चांस बन रहे हैं कि बिना एग्जाम के छात्रों को प्रमोट किया जा सकता है। इसके अलावा छात्र पढ़ाई भी जारी रखें। यदि परीक्षाएं हुई भी तो इस तैयारी के जरिये वह पास हो सकें।
विश्वविद्यालयों ने निदान की बजाय छात्रों को असमंजस में रखा
एनएसयूआई अध्यक्ष निखिल नरमेटा ने छात्रों से कहा है कि पीयू अब अपनी मनमानी नहीं कर पाएगा। यूजीसी की गाइड लाइन का पीयू को इंतजार है। पंजाब सरकार भी यूजीसी की गाइड लाइन के मुताबिक ही कार्य करने को कह रही है। ऐसे में अब विद्यार्थियों की उलझनें कम होने वाली हैं। विश्वविद्यालयों ने छात्रों को असमंजस में रखा। उनकी समस्या का निदान करने के बजाय चिंता बढ़ाई। समय आने पर छात्र इसका भी जवाब देंगे।
चांसेज कम.. परीक्षा होगी भी तो छात्र मार लेंगे बाजी
पीयूसीएससी के पूर्व अध्यक्ष चेतन चौधरी ने भी छात्रों को सोशल मीडिया के जरिये अवगत कराया है कि छात्र परीक्षा को लेकर चिंतित न हों। परीक्षा होगी भी तो छात्र बाजी मार लेंगे, लेकिन चांसेज हैं कि परीक्षा न हो और छात्र प्रमोट कर दिए जाएं। यदि प्रमोट का आधार विश्वविद्यालय कोई तय करते हैं तो उसके लिए सभी छात्रों को तैयार रहना होगा, क्योंकि यह विषय भविष्य से जुड़ा हुआ है।
छात्रों को ढांढस दे रहा इनसो
आइसा अध्यक्ष विजय कुमार ने भी छात्रों को मेल लिखे हैं। बिना परीक्षा के छात्रों को प्रमोट करने की मांग इनसो ने भी उठाई है। वह भी छात्रों को ढांढस दे रहे हैं।