चंडीगढ़। चंडीगढ़, पंजाब व हरियाणा के युवाओं में अच्छे कॅरिअर के साथ रिश्तों को निभाने और संजोने की जद़्दोजहद तनाव का कारण बन रहा है। उन पर तनाव इस कदर हावी हो रहा है कि वे अवसाद जैसी स्थिति के शिकार हो रहे हैं। यह चौंकाने वाली सच्चाई टेली मानस हेल्पलाइन पर एक साल के दौरान कॉल करने वाले युवाओं की स्थिति से सामने आई है। युवाओं की समस्या का समाधान करने के लिए एक वर्ष पहले शुरू किए गए इस हेल्पलाइन नंबर पर देशभर से लगभग पांच लाख फोन आ चुके हैं। इसमें पंजाब-हरियाणा और चंडीगढ़ से 15 हजार कॉल शामिल हैं। टेली मानस के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14416 पर कॉल करने वाले युवाओं में 75 प्रतिशत से ज्यादा कॅरिअर और रिश्तों को निभाने की स्थिति को लेकर तनाव में थे।
केस- 1
लुधियाना के दविंदर (बदला हुआ नाम) बीकॉम तृतीय वर्ष के छात्र हैं। फर्स्ट ईयर में उन्हें अपने ही क्लास की एक लड़की के प्रति आकर्षण हुआ। बात उसके घरवालों तक पहुंची तो मारपीट की नौबत आ गई। इस स्थिति में दविंदर की पढ़ाई भी बाधित होने लगी। उसके परिजनों ने भी आपत्ति जताना शुरू कर दिया। यह बात उसके कॉलेज में फैल गई। कॉलेज के अन्य छात्र उसका मजाक उड़ाने लगे। इससे दविंदर तनाव में रहने लगा। नशा करने लगा। उसके दोस्त ने उसे टेली मानस के बारे में बताया। दविंदर ने हिचकते हुए कॉल किया। उसकी काउंसलिंग हुई। धीरे-धीरे वह अपने लक्ष्य के प्रति सजग हुआ। अब वह न तो नशा करता है न हीं उसकी पढ़ाई बाधित है।
केस- 2
दीप्ति (बदला हुआ नाम) सिविल सेवा की तैयारी कर रही थी। दो बार प्रारंभिक परीक्षा में सफल न होने के कारण उसका मनोबल टूट गया। वह दिन-रात इस सोच में रहने लगी कि अब अगर तीसरा चरण भी असफल रहा तो उसके सपने टूट जाएंगे। इस सोच ने उसे तनाव देना शुरू कर दिया। अब वह चाहकर भी मन लगाकर पढ़ाई नहीं कर पा रही थी। इससे वह अवसाद में जाने लगी। उसकी दोस्त ने उसे टेली मानस के बारे में बताया। काउंसलर ने दीप्ति को खुद को दोष देने की बजाय अपनी कमियों को चिह्नित कर उस पर प्रमुखता से फोकस करने को कहा। दो से तीन बार की काउंसलिंग से दीप्ति को काफी राहत मिली। अब वह पूरी तरह सामान्य है।
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कॉल कीजिए तो, हर संभव मदद मिलेगी
केंद्र के वरिष्ठ परामर्शदाता व पीजीआई के मनोचिकित्सक डॉ. राहुल चक्रवर्ती ने बताया कि चंडीगढ़ के साथ ही पंजाब में इस पर अच्छा काम हो रहा है। दोनों ही जगहों से बेहतर परिणाम सामने आ रहे हैं। महीनेभर में आने वाले लगभग एक से डेढ़ हजार कॉल में पंजाब के 600 से 700 कॉल शामिल हैं। हरियाणा से अभी कॉल करने वालों की संख्या पंजाब और चंडीगढ़ की तुलना में कम है। हेल्पलाइन से सामने आने वाले हकीकत से ये साफ है कि युवाओं में बढ़ते तनाव के स्तर पर काबू बेहद जरूरी हो गया है। लोग अकेले हैं। उन्हें कोई ऐसा साथी नहीं मिल रहा जिससे वे अपनी बात साझा कर सकें। ऐसी समस्याओं के समाधान के लिए ही टेली मानस का संचालन किया जा रहा है।
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किसी भी भाषा में कीजिए बात, मिलेगा समाधान
तनावग्रस्त व्यक्ति को राहत पहुंचाने के लिए इस हेल्पलाइन पर कॉल करने वाले को उसकी भाषा के अनुरूप काउंसलिंग की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मौजूदा समय में जीएमसीएच-32 में इसका संचालन किया जा रहा है। हेल्पलाइन का संचालन सुबह 9 से शाम 5 बजे तक किया जा रहा है। अलग-अलग भाषाओं के लोगों की मुश्किल को आसान करने के लिए बहुभाषी कर्मचारी भी तैनात है। टेली मानस के राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14416 पर कॉल करने पर सबसे पहले वह आपसे आपका राज्य, भाषा पूछेगा। इसके बाद उस कॉल को संबंधित राज्य में फारवर्ड कर दिया जाएगा। उस कॉल को काउंसलर उठाएगा और समस्या पूछेगा। अगर समस्या सामान्य रही तो वह खुद काउंसलिंग करेंगे। लेकिन गंभीर मामलों में कॉल मनोचिकित्सक को इंटरकनेक्टेड कर दी जाएगी।
पांच केंद्र को दी गई जिम्मेदारी
देशभर के 5 केंद्रों को सभी राज्य के यूनिटों का समन्वय केंद्र बनाया गया है। जहां उन्हें प्रशिक्षण देकर इस सुविधा को संचालित कराया जा रहा है।
देशभर में हैं ये पांच समन्वय केंद्र
1. पीजीआई चंडीगढ़
2. लोकप्रिय गोपीनाथ बोरदोलोई रीजनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ
3. इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन विहैबियर एंड अलाइड साइंसेज नई दिल्ली
4. केंद्रीय मनोचिकित्सा संस्थान रांची
5. नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ मेंटल हेल्थ एंड न्यूरो साइंसेस बंगलूरू