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Chandigarh News: हालात चिंताजनक... तंबाकू के नशे पर खर्च हो रहा बंपर पैसा, आ सकता है 19 करोड़ लीटर दूध

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चंडीगढ़। तंबाकू के नशे पर हर साल इतना पैसा खर्च हो रहा है कि इससे 2 लाख टन आटा या 19 करोड़ लीटर दूध खरीदा जा सकता है। इस आंकड़े से यह साबित हो रहा है कि तंबाकू देश की अर्थव्यवस्था को किस प्रकार कमजोर बना रहा है। यह बातें संघ (दक्षिण-पूर्व एशिया) के उप क्षेत्रीय निदेशक डॉ. राणा जे सिंह ने विश्व तंबाकू दिवस पर पीजीआई ई-रिसोर्स सेंटर फॉर टोबैको कंट्रोल की ओर से आयोजित वेबिनार में वी नीड फूड नॉट टोबैको विषय पर बतौर वक्ता कहीं। इस अवसर पर उन्होंने संघ द्वारा तैयार तथ पत्रक भी जारी किया। कार्यक्रम में पीजीआई ई-रिसोर्स सेंटर फॉर टोबैको कंट्रोल (आरसीटीसी) के निदेशक डॉ. सोनू गोयल ने कहा कि भारत में 4.3 लाख हेक्टेयर भूमि का उपयोग तंबाकू की खेती के लिए किया जाता है। इस भूमि का उपयोग कर 50 लाख किलो फल और 20 लाख टन चावल की खेती की जा सकती है। उन्होंने कहा कि आरसीटीसी किसानों को वैकल्पिक आजीविका के मॉडल उपलब्ध कराने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन की क्षेत्रीय सलाहकार डॉ. जगदीश कौर ने तंबाकू मुक्त पहल पर कहा कि हमें तंबाकू एंडगेम को प्राप्त करने के लिए आपूर्ति पक्ष पर विशेष गौर करना होगा। वहीं स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के अतिरिक्त उप महानिदेशक डॉ. लीमापोकपम स्वस्तिचरण ने कहा कि भारत सरकार किसानों के लिए व्यवहार्य विकल्पों को बढ़ावा देने पर काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पिछले पांच वर्षों में लगभग एक लाख एकड़ भूमि को पहले ही तंबाकू की खेती से वैकल्पिक फसलों में स्थानांतरित कर दिया गया है। तुर्की की एफ्जा एवरेंगिल, श्रीलंका के डॉ. अमित यादव और डॉ. पुरुषोत्तम गिरी ने भी जानकारी साझा की।
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