चंडीगढ़। जिला अदालत ने बिना फूड लाइसेंस के मिठाइयां बनाने व बेचने के मामले में दुकानदार को दोषी करार देते हुए अदालत में दिनभर खड़े रहने की सजा सुनाई। सुनवाई करते हुए चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट डॉ. अमनइंद्र सिंह की कोर्ट ने 35 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया है।दोषी की पहचान दड़वा में मेहर ट्रेडिंग के नाम से मिठाई बनाकर बेचने वाले कारोबारी अंबाला निवासी हरमीत सिंह के रूप में हुई है। दोषी के खिलाफ चंडीगढ़ हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने 12 अक्टूबर 2021 को उसके दड़वा स्थित दुकान परिसर में छापेमारी करते हुए फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट 2006 के तहत कोर्ट में शिकायत दी थी। स्वास्थ्य विभाग की ओर से शिकायत के मुताबिक टीम ने जांच दौरान पाया कि दुकान में मिल्क केक, लड्डू और बर्फी समेत अन्य मिठाइयां बनाई जा रही थी। टीम ने जब दुकान मालिक से उक्त मिठाई बनाने को लेकर फूड लाइसेंस दिखाने को कहा तो वह प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में पता चला कि उसके पास फूड लाइसेंस है ही नहीं। इसके चलते उसके खिलाफ अदालत में केस चलाया गया। दुकानदार ने बचाव में कहा कि डिपार्टमेंट ने न तो कोई फूड आइटम का सैंपल लिया और न ही उन्होंने किसी को गवाह बनाया। डिपार्टमेंट की तरफ से उसके खिलाफ झूठा केस बनाया गया है। मामले में करीब दो साल तक चली अदालती कार्रवाई के बाद सामने आए तथ्यों और दलीलों काे सुनने के बाद दोषी को दिनभर अदालत में खड़े रहने के साथ ही 35 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।