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Chandigarh News: बॉक्सरों के चयन के लिए बीएफआई द्वारा बनाई चयन समिति को हाईकोर्ट में चुनौती

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-बीएफआई व केंद्र सरकार को जवाब दाखिल करने का हाईकोर्ट ने जारी किया आदेश
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-पेरिस ओलंपिक व अन्य अंतरराष्ट्रीय मुकाबलों के लिए समिति को दी गई है बॉक्सरों के चयन की जिम्मेदारी

अमर उजाला ब्यूरो

चंडीगढ़। भारतीय मुक्केबाजी महासंघ द्वारा नेशनल बॉक्सिंग शिविर, पेरिस ओलंपिक 2024 व सभी आगामी अंतरराष्ट्रीय चैंपियनशिप के लिए बाॅक्सरों के चयन के लिए बनाई गई चयन समिति को अर्जुन अवॉर्डी मुक्केबाज अमित पंघाल ने हाईकोर्ट में चुनौती दी है। याचिका पर हाईकोर्ट ने केंद्र सरकार व बॉक्सिंग फैडरेशन ऑफ इंडिया (बीएफआई) को जवाब दाखिल करने का आदेश दिया है।
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याचिका दाखिल करते हुए मुक्केबाज अमित पंघाल ने हाईकोर्ट को बताया कि राष्ट्रीय कोचिंग कैंप के लिए मुक्केबाजों के चयन हेतु बीएफआई ने चयन समिति का गठन किया है। इस समिति का गठन केंद्र सरकार द्वारा बनाए गए राष्ट्रीय खेल विकास संहिता 2011 के प्रावधानों का पूरी तरह उल्लंघन है। पंघाल ने कोर्ट को बताया कि बीएफआई ने 10 जनवरी, 2023 को समिति का गठन किया था और समिति ने 22 नवंबर 2023 को अपनी बैठक में पेरिस ओलंपिक 2024 तक के लिए मुक्केबाजों के चयन की नीति को अंतिम रूप दिया। याचिका में समिति की बैठक द्वारा तय नीति को रद्द करने की मांग की गई, क्योंकि उक्त समिति का गठन प्रावधानों का उल्लंघन कर किया गया है। चयन मानदंड को दो से तीन साल पहले सभी संबंधित एथलीटों को प्रसारित करना और समझाया जाना जरूरी था, जो खेल संहिता के अनुसार अनिवार्य है। याचिकाकर्ता ने हाईकोर्ट से अपील की कि इस समिति को भंग करने और भारतीय मुक्केबाजी महासंघ के कार्यों को पूरा करने के लिए तदर्थ समिति का गठन करने या कोई अन्य उचित व्यवस्था करने के निर्देश जारी किए जाएं। याचिकाकर्ता अमित पंघाल ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आठ स्वर्ण पदक, तीन रजत पदक और चार कांस्य पदक जीते हैं। वे 51 किलोग्राम भार वर्ग में 2023 का स्वर्ण पदक विजेता तथा मुक्केबाजी में चैंपियन भी हैं।
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