फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

फैसलाः पंजाब में नगर निकाय की प्रॉपर्टी पर 12 साल से रह रहे लोगों को मिल सकेगा मालिकाना हक

Mon, 09 Mar 2020 10:09 AM IST
खुशबू गोयल अमर उजाला नेटवर्क, चंडीगढ़
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर
विज्ञापन
‘द पंजाब मैनेजमेंट एंड ट्रांसफर ऑफ म्यूनिसिपल प्रॉपर्टी एक्ट, 2020’ के पंजाब विधानसभा में पास होने के बाद अब म्यूनिसिपल और इंप्रूवमेंट ट्रस्ट की संपत्तियों का प्रबंधन और निपटारा आसान होगा। इसके तहत म्यूनिसिपल की प्रॉपर्टी पर 12 साल या उससे अधिक समय से काबिज लोगों को इसका मालिकाना हक मिल सकेगा।
विज्ञापन


इसके लिए रेट निर्धारित कर दिए गए हैं। पंजाब में म्यूनिसिपल ने शहर और कस्बों में प्रॉपर्टी अलॉट की है। इसमें कई प्रॉपर्टी लीज या किराये पर दी गई थीं, लेकिन इसके लिए कोई कानून नहीं था। इसके कारण ऐसी प्रॉपर्टी पर अनधिकृत कब्जे हो गए और यह झगड़े और मुकदमेबाजी में उलझ गई।

इससे नगर पालिकाओं को राजस्व का नुकसान हो रहा था। सरकारी प्रवक्ता ने बताया कि यह कानून व्यापारिक म्यूनिसिपल संपत्तियों की नीलामी और रिहायशी संपत्तियों को आवंटन/ड्रॉ के द्वारा हस्तांतरित करने की व्यवस्था प्रदान करेगा और इस प्रक्रिया में और ज्यादा पारदर्शिता लाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन

ईडब्ल्यूएस और एलआईजी के लिए यह होगा कलेक्टर रेट

आर्थिक तौर पर कमजोर वर्ग (ईडब्ल्यूएस) जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये से कम है, को मालिकाना हक ट्रांसफर करने के लिए यह दर क्लेक्टर रेट के 12.5 प्रतिशत पर निर्धारित की गई है। कम आय वाले समूहों (एलआईजी) जिनकी सालाना आय 3 लाख रुपये से अधिक है लेकिन 8 लाख रुपये से कम है, के लिए यह दर कलेक्टर रेट के 25 प्रतिशत के हिसाब से होगी।

एमआईजी और एचआईजी के लिए कलेक्टर रेट
मध्यम आय वाले समूहों (एमआईजी) के लिए, जिनकी सालाना आय 8 लाख रुपये से अधिक है लेकिन 15 लाख रुपये से कम है, के लिए यह दर कलेक्टर रेट की 50 प्रतिशत होगी। उच्च आय वाले समूहों (एचआईजी) जिनकी सालाना आय 15 लाख रुपये से अधिक है, के लिए मालिकाना अधिकारों का हस्तांतरण संबंधित क्षेत्र के मौजूदा कलेक्टर रेट पर होगा।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें