प्रशासन इसके लिए तैयार भी है लेकिन इसमें यह दाव फंस गया है कि नगर निगम की प्राॅपर्टी हैंड ओवर का प्रस्ताव बिना सदन के अनुमति के संभव नहीं होगा। ऐसे में एक बार फिर से सड़कों के हैंडओवर का प्रस्ताव लाने की तैयारी है। मेयर हरप्रीत कौर बबला का कहना है कि सड़कों की स्थिति बहुत खराब है। बजट का अभाव भी है। ऐसे में प्रशासन इन सड़कों को बना सकता है लेकिन उससे पहले इसको हैंड ओवर करना पड़ेगा। ऐसे में सदन में एक बार फिर से यह प्रस्ताव लाने की तैयारी चल रही है, जिससे कि मानसून बाद इन सड़कों को तत्काल बनाया जा सके और शहर के लोगों की परेशानी कम हो।
बी-3 श्रेणी की 68 सड़कों के हैंडओवर का प्रस्ताव रखा था
बी-3 श्रेणी की 68 सड़कों को प्रशासन को हैंडओवर करने का प्रस्ताव रखा गया था। मेयर और नगर आयुक्त इसके पक्ष में थे कि बजट के अभाव में ये सड़कें नहीं बन पा रही हैं। ऐसे में इसको हैंडओवर कर देना चाहिए। इन सड़कों को बनाने में करीब 35 से 40 करोड़ रुपये का खर्च आ सकता है। लेकिन जब पास नहीं हुआ तो नगर आयुक्त ने कहा था कि मिनट में उनका विरोध लिखा जाए कि यह जनहित का काम था। वह इस फैसले से खुश नहीं हैं।