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Chandigarh News: बैंक से 7.29 करोड़ की धोखाधड़ी में भगोड़े के जमानती की संपत्ति होगी कुर्क

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चंडीगढ़। इंडियन ओवरसीज बैंक से 7.29 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी में डेराबस्सी की अरविंद मशीन टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक समेत अन्य आरोपियों की मुश्किलें बढ़नी तय हैं। मामले में अब सीबीआई ने एक महिला आरोपी की जमानत लेने वाले जमानती की संपत्ति अटैच कर उसकी कुर्की के आदेश जारी किए हैं। इस संबंध में सीबीआई कोर्ट ने डेराबस्सी के कलेक्टर को रिमाइंडर नोटिस भेजा है। अगली सुनवाई तक आदेश का पालन नहीं होने पर उक्त अधिकारी के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा सकती है। सात अक्तूबर 2015 को इंडियन ओवरसीज बैंक के मुख्य क्षेत्रीय प्रबंधक ने सीबीआई को शिकायत दी थी कि डेराबस्सी स्थित अरविंद मशीन टूल्स प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अमरिंदर सिंह गोरवारा, साहिल और दलजीत कौर ने बैंक के ही अधिकारियों के साथ मिलकर करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की है। शिकायत के मुताबिक, आरोपियों ने मशीन खरीदने के नाम पर बैंक से 7.29 करोड़ का लोन लिया था। जांच में पाया गया कि आरोपियों ने फर्जी कंपनियां बनाकर बैंक से धोखाधड़ी की। शिकायत पर सीबीआई ने जांच की तो आरोप सही निकले। इसके बाद सीबीआई ने अमरिंदर सिंह गोरवारा, साहिल गोरवारा, दलजीत कौर गोरवारा, परमिंदर सिंह, आदर्श कुमार राजवंशी, सत्य कुमार परीक, विजय कुमार और राज कुमार पांजला के खिलाफ आईपीसी की धारा 120बी, 420, 467, 468, 471 और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13 (2),13 (1) (डी) के तहत केस दर्ज किया था।
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बाद में जमानत मिलने पर अमरिंदर सिंह गोरवारा, साहिल गोरवारा, दलजीत कौर गोरवारा कोर्ट में पेश नहीं हुए। इस पर उन्हें अदालत ने भगोड़ा करार दे दिया था। इनके खिलाफ पीओ घोषित किए जाने का एक अन्य मामला दर्ज किया गया था।

कोर्ट ने जमानती के खिलाफ दिए कार्रवाई के आदेश
भगोड़ा करार दी गई आरोपी दलजीत कौर गोरवारा की जमानत अत्तर सिंह ने ली थी। आरोपी की ओर से कोर्ट के आदेशानुसार जुर्माने के तौर पर लगाई गई फीस कोर्ट में जमा नहीं करवाई गई थी। इसी कारण कोर्ट ने सीआरपीसी की धारा 446 के तहत उस पर जुर्माने का भुगतान नहीं करने पर 09 अगस्त 2023 के तहत वसूली के लिए डेराबस्सी कलेक्टर को एक पत्र भेजा था। पत्र के मुताबिक, जमानती अत्तर सिंह की संपति की कुर्की कर उसे बेचकर जुर्माने की राशि वसूलने को कहा गया था लेकिन अब तक डेराबस्सी कलेक्टर ने इस मामले में कोई संज्ञान नहीं लिया और न ही उनकी ओर से कोई रिपोर्ट सीबीआई कोर्ट में पेश की गई है इसलिए सीबीआई कोर्ट ने डेराबस्सी कलेक्टर को रिमाइंडर नोटिस भेजकर जमानती की प्रापटी अटैच करने के आदेश दिए हैं। कलेक्टर को 25 सितंबर 2024 को अपनी रिपोर्ट पेश करनी होगी।
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