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Chandigarh News: जिसके खाते में क्रेडिट होती थी ठगी की राशि, उसे देते 20 प्रतिशत कमीशन... जानिए पकड़े गए ठगों के और राज

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चंडीगढ़। बिहार के पटना से गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों ने रिमांड में कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। आरोपियों ने लोगों से ठगी करने के लिए उन्हें फोन करने व उन्हें अपनी बातों में फंसाने के लिए दिल्ली निवासी युवक को हायर किया हुआ था जबकि तीन अन्य आरोपी ऑनलाइन डाटा एकत्र करने का काम करते थे। आरोपी लोगों से जो पैसे ऑनलाइन ठगी के जरिए ठगते थे, वह जिस भी खाते में क्रेडिट होते थे, उस खाताधारक को भी उसका 20 प्रतिशत हिस्सा दिया जाता था। आरोपियों से अभी पुलिस की पूछताछ जारी है।गौरतलब है कि बीते 28 अप्रैल को सेक्टर-33 निवासी राजबीर सिंह राय की शिकायत पर साइबर क्राइम थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी की धारा आईपीसी एक्ट 419, 420, 467, 468, 471, 120-बी के तहत केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता के मुताबिक उसे बैंककर्मी बनकर फोन करने वाले व्यक्ति ने विदेश यात्रा करने और अंतरराष्ट्रीय सेवाओं को बंद करने पर 7500 रुपये क्रेडिट प्वाइंटस का झांसा देकर 1.90 लाख रुपये का चूना लगाया गया था। इस मामले में जांच टीम ने जब आरोपियों की कॉल डिटेल, कॉल लोकेशन व बैंक खातों की डिटेल निकाली तो वह पटना की निकली। इसके बाद टीम ने जब लोकेशन के मुताबिक पटना के वीणा कांप्लेक्स में एक मकान में रेड की तो एक कमरे में यह चारों आरोपी मौजूद थे। इन आरोपियों की पहचान शाहिदुल, गौतम कुमार, बबलू कुमार और सरवन कुमार के रूप में हुई।
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इन आरोपियों ने एक कमरे में कॉल सेंटर बनाया गया था और वह रोजाना कम से कम 150 सेे 200 लोगों को फोन करते थे। आरोपियों ने खुलासा किया कि दिल्ली निवासी एक्सपर्ट शाहिदुल लोगों को उनके द्वारा दिए गए मोबाइल नंबरों पर फोन करता था। फोन करने के बाद वह लोगों को अलग अलग लालच देकर ऑनलाइन उनसे सारी जानकारियां एकत्र करता था। वह एपीके एप डाउनलोड करवाते और उसमें डाटा फीड होते ही उसे अपने पास सेव कर लेते थे। यह एपीके एप रिमोट एक्सेस एप्लीकेशन है जिसमें डाटा आने के बाद सुपर-पे एप के जरिए लोगों के बैंक खाते को खाली कर दिया जाता था। बाद में इस सुपर-पे एप में आई राशि को यूपीआई के जरिए विद-ड्राॅ कर लिया जाता था। बाकायदा जिस व्यक्ति के बैंक खाते में यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर किए जाते थे उसे अलग से 20 प्रतिशत कमीशन दी जाती थी। इस मामले से जुड़े अन्य कई आरोपियों को अभी साइबर क्राइम की टीम तलाश कर रही है। रिमांड में आरोपियों से अन्य कई खुलासे होने की उम्मीद है। इनसे 42 मोबाइल फोन व 6 सिमकार्ड पहले ही बरामद किए जा चुके हैं।
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