संवाद न्यूज एजेंसी
लुधियाना। पंजाब कृषि विश्वविद्यालय में पीएचडी, एमएससी और बीएससी कृषि के छात्रों ने बुधवार को पुस्तकालय से मार्च निकाला और कुलपति कार्यालय स्थित थापर हॉल के सामने धरना दिया। इसके बाद पीएयू के गेट नंबर एक पर अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया।
छात्र नेताओं ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने सत्ता में आने से पहले पंजाब के छात्रों से वादा किया था कि सत्ता में आने पर वे गांवों में कृषि मास्टरों की नियुक्ति करेंगे और कृषि विभाग में रिक्त पदों को भरेंगे, लेकिन इतना समय बीत जाने के बाद भी वे पद नहीं भरे गए हैं। इसलिए कृषि डिग्रीधारी पंजाब के बेरोजगार बेटे-बेटियों ने पंजाब सरकार से अपील की है कि डूबते पंजाब के किसानों को बचाने के लिए कृषि विभाग, मंडी बोर्ड, बागवानी विभाग, मार्कफेड, पनसीड और अन्य संबंधित विभागों के रिक्त पदों को पंजाब सरकार तुरंत भरे। छात्र नेताओं से बातचीत करते हुए उन्होंने कहा कि आज धरना शुरू करने से पहले कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां, कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा, आप अध्यक्ष अमन अरोड़ा समेत कई मंत्रियों और उच्च अधिकारियों से छात्र 17 बार मिल चुके हैं, लेकिन सरकार ने इस मुद्दे को लेकर कोई कदम नहीं उठाया है, जिसके चलते छात्रों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है और जिसके चलते छात्रों को मजबूरन स्थायी मोर्चा घोषित करना पड़ा, देश की शीर्ष यूनिवर्सिटी के छात्र सड़कों पर बैठने को मजबूर हुए हैं।
छात्र नेताओं ने कहा कि आज कोई भी अधिकारी छात्रों की मांगों को सुनने के लिए धरने पर नहीं पहुंचा और वे पंजाब सरकार और प्रशासन से मांग करते हैं कि मुख्यमंत्री के साथ बैठक कर संबंधित विभागों में नौकरियों की अधिसूचना जारी की जाए। छात्रों ने चेतावनी देते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, यह मोर्चा जारी रहेगा।