हरियाणा कान्फेड के जनरल मैनेजर विनोद कुमार की आत्महत्या के मामले में कान्फेड चेयरमैन के पीए को भी नामजद किया गया है।
पीए लालचंद टोरकी के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। विनोद कुमार के खुदकुशी करने के बाद पीए सहित सभी अन्य आरोपी अधिकारी और कर्मचारी (कुल आठ आरोपी हैं) ‘अंडरग्राउंड’ हो गए हैं।
सोमवार को सेक्टर-2 स्थित कान्फेड कार्यालय से सभी नदारद मिले और उनके मोबाइल भी बंद आ रहे हैं। उधर, सेक्टर-6 स्थित जनरल अस्पताल में पोस्टमार्टम के बाद विनोद कुमार का शव परिजनों को सुपुर्द कर दिया गया।
55 वर्षीय विनोद कुमार कान्फेड पंचकूला में जनरल मैनेजर थे और उनके पास अंबाला में डीएम का भी अतिरिक्त प्रभार था। रविवार को विनोद कुमार पंचकूला सेक्टर-20 स्थित अपने घर में फंदे से लटके मिले थे।
विनोद कुमार, आढ़ती मोहनलाल, कान्फेड स्टोर की देखरेख का काम देख रहे सेल्समैन समयराज पर मिलीभगत करके करीब डेढ़ करोड़ रुपये का गेहूं गबन करने का मामला बराड़ा थाने में दर्ज किया गया था।
अफसर बदलते ही दर्ज हुआ केस
यह घोटाला अप्रैल-मई में उजागर हुआ था और तीन महीने पहले ही मामला दर्ज करने के आदेश जारी हो गए थे, लेकिन आदेशों की फाइल दबी रही।
पिछले दिनों कान्फेड के एमडी एवं वित्तायुक्त बदल गए, जिसके बाद मामले ने फिर तूल पकड़ा और बराड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
मामला दर्ज होते ही विनोद कुमार ने सुसाइड कर लिया, जबकि समयराज की पहले ही संदिग्ध हालात में मौत हो चुकी है।