इस वक्त मौसम तेजी से बदल रहा है और इसमें सर्दी-जुकाम और सामान्य फ्लू होना आम बात है। लेकिन अब इस कोरोना वायरस ने सभी लोगों के मन में खौफ पैदा कर दिया है। हर कोई इस वायरस से बचने के उपाय अपनाना चाहता है लेकिन डर का माहौल इतना है कि हल्की खांसी या जुकाम में भी लोग दहशत में आ रहे हैं।
चूंकि कोरोना वायरस के लक्षण भी कॉमन कोल्ड जैसे ही हैं, सर्दी, नाक बहना, खांसी, बुखार, आदि इस वजह से भी लोगों के लिए इस बीमारी को पहचानना मुश्किल हो रहा है। ऐसे में बेहद जरूरी है कि घबराने और पैनिक होने की बजाए आप जागरूक बनें। पीजीआई चंडीगढ़ के डायरेक्टर डॉ. जगतराम ने अमर उजाला के माध्यम से जनता तक कोरोना से बचाव के तरीके पहुंचाने का प्रयास किया है।
भीड़ से रहें दूर
डॉ जगतराम का कहना है कि कोरोना से बचाव के लिए सबसे जरूरी है खुद को भीड़ से दूर रखना। कोरोना का संक्रमण भीड़ वाले स्थान पर तेजी से होता है। इसलिए लॉक डाउन का पालन करते हुए खुद और अपने परिवार को बाहर न जाने दे। अगर बाहर जाना पड़े तो लोगों से एक से डेढ़ मीटर की दूरी बनाए रखे। प्रशासन के दिशा निर्देशों का पालन करें ताकि इस संकट की घड़ी में समझदारी से काबू पाया जा सके।
खांसते-छींकते वक्त बरतें सावधानी
कोरोना वायरस से संक्रमित कोई व्यक्ति खांसता या छींकता है तो उसके थूक के बेहद बारीक कण हवा में फैलते हैं। इन कणों में कोरोना वायरस के विषाणु होते हैं। संक्रमित व्यक्ति के नजदीक जाने पर ये विषाणुयुक्त कण सांस के रास्ते आपके शरीर में प्रवेश कर सकते हैं।
अगर आप किसी ऐसी जगह को छूते हैं, जहां ये कण गिरे हैं और फिर उसके बाद उसी हाथ से अपनी आंख, नाक या मुंह को छूते हैं तो ये कण आपके शरीर में पहुंचते हैं। ऐसे में खांसते और छींकते वक्त टिश्यू का इस्तेमाल करना, बिना हाथ धोए अपने चेहरे को न छूना और संक्रमित व्यक्ति के संपर्क में आने से बचना इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।