फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

‘एक और द्रोणाचार्य’ में दिखी व्यवस्था की कठपुतली बने एक शिक्षक की मनोदशा

विज्ञापन
टैगोर में नाटक एक और द्रोणाचार्य का मंचन करते कलाकार।
विज्ञापन
चंडीगढ़। टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में रविवार को ‘एक और द्रोणाचार्य’ नाटक का मंचन हुआ। शंकर शेष के लिखे नाटक का निर्देशक संजय कुमार और हीरा सिंह ने किया। कहानी में वर्तमान शिक्षक की तुलना उस द्रोणाचार्य से की जाती है, जिसने एक शिक्षक को अन्याय सहने की परंपरा दे डाली और उसे इतिहास हमेशा कोसता रहेगा। अरविंद जो कि एक शिक्षक है और अपनी नियमित आय से अपनी गृहस्थी चला रहा है, लेकिन सत्ता के दबाव में आकर उनकी आदर्शात्मक, सिद्धांत, सोच धरी की धरी रह जाती है और वह व्यवस्था की कठपुतली बनकर रह जाता है। विमलेंदु जो ठीक वैसा ही पात्र है जिसने शिक्षक के रूप में सत्ता व व्यवस्था के विरोध में अपनी जान गंवाई उसे झकझोरता है और अरविंद से कहता है कि जाओ तुम भी समझौता करो। यदि समाज तुम्हें भोंकने वाला कुत्ता बनाना चाहता है तो तुम बनों क्योंकि व्यवस्था के विपरीत नही चल सकते। यदि चलोगे तो तुम्हें भी मेरी तरह मार दिया जाएगा। नाटक में बहुत से ऐसे प्रश्न हैं, जिनमें एक शिक्षक स्वयं ही उलझ कर रह जाता है। ठीक वैसे ही जब युद्धभूमि में द्रोण ने युद्धिष्ठर से पूछा था कि कौन मारा गया.. अश्वथामा नाम का हाथी या पुत्र। विमलेंदु के अंतिम वाक्य से नाटक खत्म होता है कि तू द्रोणाचार्य है। व्यवस्था का मारा हुआ द्रोणाचार्य, इतिहास की धार में लकड़ी के ठूंड की तरह बहता हुआ, वर्तमान के कगार से लगा हुआ, सड़ा गला द्रोणाचार्र्य। व्यवस्था के लाइटहाउस से अपनी दिशा मांगने वाला टूटे जहाज सा द्रोणाचार्य।
विज्ञापन

नाटक के पात्र
द्रोणाचार्य- मानव आहूजा
अरविंद - (आज के युग का द्रोणाचार्य) तरुण सिक्का
लीला- शिवानी ठाकुर
विमलेंदु- हीरा सिंह
प्रेसिडेंट -सार्थक सिंह
यदु -नीरज
कृपी- श्वेता
अश्वथामा- मयंक सिंह
चंदू- साहिल जामवाल
अनुराधा- पलक अग्रवाल
भीष्म - सिद्धांत
प्रिंसिपल- अंकुर आनंदकार
एकलव्य -सोनू
छोटा अश्वथामा- राहुल
वकील - अंकुर
राजकुमार- जस खैरा
अर्जुन - सुमित हुड्डा
द्रोणाचार्य शिष्य -भावेश, विजेंद्र, करण
बैक स्टेज- संदीप, शुभम ,नंदिता, अविनाश ,अमृत,
मेक अप - नार्सी और कशिश कश्यप
लाइट, कॉस्ट्यूम एंड असिस्टेंट डायरेक्टर ऱ् दीक्षा शर्मा
प्रोडक्शन हेड -ज्योति शर्मा
आर्ट एंड क्त्रसफ्ट - रोहित सिंह
लाइट- चेतन शर्मा एंड दीक्षा शर्मा
संगीत - आयुष
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें