चंडीगढ़। शहर के गोशालाओं की बदहाल स्थिति देख मेयर हरप्रीत कौर बबला हैरान रह गईं। सोमवार को सीनियर डिप्टी मेयर जसबीर बंटी, डिप्टी मेयर तरुणा मेहता व निगम अधिकारियों के साथ इंडस्ट्रियल एरिया और रायपुर कलां की गोशालाओं का दौरा करने पहुंचीं मेयर ने वहां अव्यवस्था का आलम देखा। कम जगह में जरूरत से ज्यादा गायें रखी गई थीं। कई कमजोर और बीमार दिख रही थीं। सुविधाओं की कमी पर मेयर नाराज हुईं और तुरंत सुधार के निर्देश दिए।
रायपुर कलां और इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित गोशालाओं के दौरे के दौरान पार्षद गुरप्रीत गाबी, प्रेम लता और एमओएच डॉ. इंदरदीप कौर भी उपस्थित रहीं। मेयर हरप्रीत कौर बबला ने निरीक्षण के दौरान कई अहम मुद्दों को उठाया, जिनमें सीसीटीवी कैमरों की अनुपस्थिति, सुबह और शाम के समय गायों के चारे की गुणवत्ता व मात्रा और पशु देखभाल के लिए कर्मचारियों की उपलब्धता शामिल रही। उन्होंने तुरंत इंडस्ट्रियल एरिया की गोशाला से 50-60 गायों को दूसरे गोशाला में शिफ्ट करने के आदेश दिए। आदेश दिया कि बछड़ों और बीमार पशुओं को अलग शेड में रखा जाए और उनकी उचित चिकित्सा व्यवस्था की जाए। सीनियर डिप्टी मेयर और डिप्टी मेयर ने गोशालाओं के आसपास स्वच्छता और हरियाली बनाए रखने, अग्नि सुरक्षा उपकरण और सीसीटीवी कैमरे लगाने के निर्देश दिए।
गो-सेस राजस्व में भारी गिरावट से संकट
डॉ. इंदरदीप कौर ने मेयर को बताया कि नगर निगम को गो-सेस राजस्व में भारी गिरावट के कारण वित्तीय कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। वित्तीय वर्ष 2022-23 में जहां नगर निगम को आबकारी विभाग से 20.25 करोड़ मिले थे, वहीं 2023-24 में यह घटकर 5.78 करोड़ रह गया और 2024-25 में इसके और घटकर 2.89 करोड़ होने की संभावना है। इस कमी के कारण भारी वित्तीय बोझ पड़ा है, जबकि गायों के कल्याण पर वार्षिक खर्च लगभग 12.64 करोड़ है।
टीम ने दिए यह सुझाव
1. सभी गोशालाओं में टीन शेड की ऊंचाई बढ़ाई जाए। गर्मी व मक्खियों से बचाव के लिए पंखों की व्यवस्था की जाए।
2. प्रत्येक गाय को प्रतिदिन 30 किलोग्राम चारा, 5 किलोग्राम भूसा और 1 किलोग्राम पशु आहार दिया जाए। गर्भवती गायों और प्रसव के बाद की स्थिति वाली गायों को 5 किलोग्राम अतिरिक्त आहार मिले।
3. गोबर के उचित निपटान की व्यवस्था की जाए।
4. शॉर्ट सर्किट और अन्य दुर्घटनाओं से बचाव के लिए स्वचालित कट-ऑफ सुविधा वाले इलेक्ट्रिक पैनल लगाए जाएं।
5. गोशालाओं में सौर ऊर्जा पैनल लगाए जाएं ताकि बिजली खर्च को कम किया जा सके और सतत विकास को बढ़ावा मिले।
6. भोजन की जांच के लिए विशेष कर्मियों को तैनात किया जाए।