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केके यादव को पदमुक्त करने का मामला, पंजाब के पत्र को दिल्ली भेजेगा प्रशासन

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चंडीगढ़। नगर निगम के कमिश्नर केके यादव को तीन महीने का सेवा विस्तार मिलेगा या नहीं, केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अभी यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस बीच पंजाब सरकार ने प्रशासन को पत्र लिखकर केके यादव को पदमुक्त करने की मांग की है। सूत्रों के अनुसार अब प्रशासन पंजाब के इस पत्र को केंद्रीय गृह मंत्रालय को भेजेगा।
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इस मुद्दे पर यूटी प्रशासक के सलाहकार मनोज परिदा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की ओर से अभी तक केके यादव को लेकर कोई आदेश नहीं आया है। इस बीच पंजाब सरकार की तरफ से जो पत्र आया है, उसकी जानकारी केंद्र को दी जाएगी। परिदा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्रालय की तरफ से जो भी आदेश आएगा, उसका पालन किया जाएगा। पंजाब के कार्मिक विभाग के विशेष सचिव की तरफ भेजे गए पत्र में कहा गया है कि एमसी कमिश्नर के पद के लिए पहले ही पंजाब की तरफ से पैनल भेजा जा चुका है, इसलिए उस पैनल से अफसर को चुन कर उन्हें नियुक्त किया जाए। इस पद पर काम कर रहे आईएएस केके यादव को जल्द रिलीव किया जाए। केके यादव का कार्यकाल 21 मई 2021 को चंडीगढ़ में बतौर एमसी कमिश्नर पूरा हो गया है, लेकिन चंडीगढ़ के प्रशासक वीपी सिंह बदनौर ने ही गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता के साथ उन्हें भी रिलीव करने से मना कर दिया था। कोरोना के दौरान जरूरी जिम्मेदारियां देख रहे इन दोनों अफसरों को तीन-तीन महीने का सेवा विस्तार दिए जाने को लेकर एमएचए को पत्र भेजा गया था। मनोज परिदा ने कहा कि केंद्र ने गृह सचिव अरुण कुमार गुप्ता को तीन महीने का सेवा विस्तार दे दिया है, लेकिन केके यादव के लिए अभी कोई आदेश नहीं आया है। दरअसल, इन दोनों अधिकारियों का कार्यकाल तीन-तीन साल पूरा होने के बाद मई महीने में समाप्त हो गया है। प्रशासन का मानना है कि पिछले करीब डेढ़ साल से ये दोनों अधिकारी शहर में कोरोना से लड़ने में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका अदा कर रहे हैं। हालांकि, केंद्र सरकार ने पहले ही इन दोनों अधिकारियों की जगह नए अधिकारियों को मंजूरी दे दी है। केंद्र ने गृह सचिव के लिए नितिन यादव और नगर निगम के कमिश्नर की जगह आनंदिता मित्रा के नाम पर मंजूरी दी है।
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