कार का टायर फटने पर बीमा क्लेम न देना बीमा कंपनी को महंगा पड़ गया। उपभोक्ता आयोग ने बीमा कंपनी को निर्देश दिया है कि वह शिकायतकर्ता को नौ प्रतिशत वार्षिक ब्याज की दर से 31 हजार चार सौ रुपये अदा करे। साथ ही दस हजार रुपये मुआवजा और पांच हजार रुपये मुकदमा खर्च अदा करने का भी निर्देश दिया है। आदेश की प्रति मिलने के एक महीना के अंदर निर्देश का पालन नहीं करने पर टायर की कीमत की राशि और मुआवजा राशि पर 12 प्रतिशत वार्षिक की दर से ब्याज देना होगा।
शिकायतकर्ता मुकेश शर्मा निवासी सेक्टर-20डी चंडीगढ़ ने इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 स्थित अश्वनी ऑटो मोबाइल प्राइवेट लिमिटेड और आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड के खिलाफ उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी थी।
जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग 1 चंडीगढ़ को दी शिकायत में मुकेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने अश्वनी ऑटो मोबाइल प्राइवेट लिमिटेड से 2019 को एक ऑडी क्यू3 35 टीडीआई क्वाट्रो एलएमवी कार खरीदी। इसकी कीमत 29 लाख 29 हजार रुपये थी। इसका बीमा आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस कंपनी लिमिटेड से करवाया। इसकी अवधि 27 जून 2019 से लेकर 26 जून 2020 तक थी। इसके लिए इसका प्रीमियम का भुगतान भी किया। उन्होंने उपभोक्ता आयोग को यह भी बताया कि 25 जुलाई 2019 को जब कार चला रहे थे उसका टायर फट गया। कार का टायर बदलने के लिए अश्वनी ऑटोमोबाइल में ले गए तो टायर बदलने से इनकार कर दिया गया। यहां तक कि बीमा कंपनी ने क्लेम देने से मना कर दिया। कोई विकल्प नहीं होने पर शिकायतकर्ता ने 31 हजार चार सौ रुपये में नया टायर खरीदा। दूसरे पक्ष ने कहा कि उन्होंने सेवा में कोताही नहीं की है।