प्रस्तावित दर पास हो गई तो हर महीने करीब 143 रुपये का ज्यादा भुगतान करना पड़ेगा। चंडीगढ़ पावर डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (सीपीडीएल) को हर साल करीब 10 करोड़ 30 लाख रुपये से ज्यादा का फायदा होगा। अभी 400 यूनिट वाले उपभोक्ताओं को हर महीने करीब 1612 रुपये देने पड़ते हैं, लेकिन नई दर लागू होने के बाद 1755 रुपये देने पड़ेंगे। वहीं, प्रस्तावित रिपोर्ट में बताया गया है कि चंडीगढ़ में अगले पांच साल तक हर साल करीब 10 फीसदी तक बिजली की डिमांड बढ़ेगी।
150 यूनिट के देने होंगे 86 रुपये ज्यादा
मौजूदा समय में करीब 2 लाख 70 हजार उपभोक्ता चंडीगढ़ में बिजली इस्तेमाल करते हैं। इनमें 0 से 150 यूनिट के स्लैब वाल उपभोक्ताओं को नए प्रस्ताव के हिसाब से करीब 86 रुपये ज्यादा देने पड़ेंगे। अभी यह उपभोक्ता 412 रुपये देते हैं, लेकिन नई व्यवस्था के बाद उसको 498 रुपये देने पड़ सकते हैं। कंपनी ने बताया है कि साल 2025-26 में घाटा 81 करोड़ रुपये, साल 2026-27 में घाटा 140 करोड़ रुपये, साल 2027-28 में घाटा 198 करोड़ रुपये, साल 2028-29 में घाटा 262 करोड़ रुपये और साल 2029-30 में घाटा 301 करोड़ रुपये पहुंच जाएगा। ऐसे में बिजली दरों को बढ़ाना जरूरी है।
ये हैं मौजूदा दरें
यूनिट मौजूदा दर
0-1 50 - 2.75 रुपये
151 -400 - 4.80 रुपये
400 से ऊपर - 5.40 रुपये
डोमेस्टिक एचटी 4.90
प्रस्तावित बिजली दरें ( रुपये प्रति यूनिट)
यूनिट सीमा 2025-26 2026-27 2027-28 2028-29 2029-30
0-100 2.96 3.10 3.22 3.34 3.39
101-200 4.04 4.23 4.39 4.55 4.63
201-300 5.17 5.41 5.62 5.83 5.92
301-400 5.17 5.41 5.62 5.83 5.92
400 ऊपर 5.92 6.09 6.32 6.56 6.66
फिक्स चार्ज - 32.64 रुपये
कॉमर्शियल उपभोक्ताओं के लिए
यूनिट प्रति रुपये
0 से 100 - 4.15 रुपये
101 से 200 - 4.31 रुपये
201 से ऊपर - 5.39 रुपये
फिक्स चार्ज - 45.81 रुपये