चंडीगढ़। शहर में सरकारी जमीन पर कब्जा करने वालों के हौसले बुलंद हैं। नगर निगम की नाक के नीचे हल्लोमाजरा की एक जमीन पर कुछ लोग पक्का निर्माण कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने इसकी शिकायत नगर निगम को दी, जिसके बाद मेयर अनूप गुप्ता के आदेश पर पिछले तीन दिनों में किए अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया।नगर निगम की तरफ से निर्माण करने वालों को चेतावनी भी दी गई है। स्थानीय लोगों ने बताया कि पिछले कई दिनों से वहां पर कब्जा करने की तैयारी चल रही थी। वर्ष 2021 में यह जमीन नगर निगम के नाम हो चुकी है, लेकिन नगर निगम ने कब्जा नहीं छुड़वाया। इसलिए धीरे-धीरे लोग उस जमीन पर कब्जा कर रहे थे। पहले कच्चा निर्माण किया और अब पिछले कुछ दिनों से वहां पर पक्का घर बनाया जा रहा था। कुछ लोगों ने इसकी जानकारी अधिकारियों को दी, लेकिन उन्होंने कोई कार्रवाई नहीं की। इसके बाद कुछ लोग मेयर अनूप गुप्ता के पास पहुंचे। मेयर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत संबंधित अधिकारियों को निर्माण कार्य रोकने के साथ अब तक जो भी अवैध निर्माण हुआ है, उसे तोड़ने के आदेश दिए। इसके बाद निगम की एक टीम मौके पर पहुंची। टीम ने देखा कि करीब छह फुट की दीवार भी खड़ी कर दी गई थी, जिसे जेसीबी की मदद से तोड़ दिया गया और दोबारा निर्माण नहीं करने की चेतावनी दी गई है।
अस्थायी दुकानों को हटाकर नगर निगम बनाए पार्कः कप्तान सिंह
हल्लोमाजरा में रहने वाले कप्तान सिंह ने बताया कि यह जमीन ग्राम पंचायत की है, जो वर्ष 2021 में नगर निगम के नाम हो चुकी है लेकिन निगम की अनदेखी की वजह से उनकी जमीन पर कई अस्थायी दुकानें खुली हुई हैं। इन दुकानों का हजारों में किराया है, जो कोई और वसूलता है। उन्होंने कहा कि हल्लोमाजरा के एंट्री प्वाइंट पर ही यह अस्थायी दुकानें हैं, जिससे इलाके में आने वाले लोगों का स्वागत तरह-तरह की दुकानों से होता है। उन्होंने कहा कि नगर निगम यह अस्थायी निर्माण और दुकानें हटाकर यहां पर एक पार्क विकसित करे, ताकि हल्लोमाजरा आने वाले लोगों को अच्छा एहसास हो। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में कई बार एसडीएम से भी मिल चुके हैं, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है।
हल्लोमाजरा में एक अवैध निर्माण की सूचना मिली थी, जिसके बाद मैंने तुरंत अधिकारियों को मौके पर जाकर देखने के आदेश दिए थे। मुझे बताया गया कि अवैध निर्माण को तोड़ दिया गया है।
- अनूप गुप्ता, मेयर