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पीयू बंद हो जाने की खबरों पर हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, वीसी को नोटिस

Fri, 09 Sep 2016 12:52 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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Court On PU - फोटो : अमर उजाला
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पंजाब यूनिवर्सिटी (पीयू) की बदहाली को लेकर मीडिया में आई खबरों पर पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने स्वत: संज्ञान लेते हुए वीरवार को पीयू को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। जस्टिस एसएस सरों व जस्टिस लीजा गिल की खंडपीठ ने इस मामले पर अगली सुनवाई 20 अक्तूबर तय की है। हाईकोर्ट के जस्टिस महेश ग्रोवर ने समाचार पत्रों में छपी खबरों का हवाला देते हुए जस्टिस सरों व जस्टिस गिल की खंडपीठ को इस मामले में संज्ञान लेने का आग्रह किया था।
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मीडिया में ऐसी खबरें आई थीं कि पीयू की सीनेट की बैठक में कुलपति ने अपने संबोधन के दौरान कहा ?कि अगर जनवरी माह (अगले साल) तक पीयू को पुरे फंड जारी नहीं हुए तो पीयू को बंद करने तक की नौबत आ सकती है। कुलपति ने यह भी कहा था कि पीयू एक तरह से माफिया के हाथ में आ गया है जो निजी हितों के लिए काम कर रहे हैं।
 
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फंड के बिना आ सकती है पीयू बंद करने की नौबत

Panjab University - फोटो : amar ujala
जस्टिस महेश ग्रोवर की ओर से कहा गया कि पीयू एक ऐतिहासिक शिक्षण संस्थान है। ऐसे में यह बेहद चिंताजनक विषय है, जिस पर सभी को गौर करना चाहिए। उन्होंने इस बात का भी जिक्त्रस् किया कि पीयू के कई स्टेक होल्डर पीयू की वित्तीय स्थिति सुधारने में दिलचस्पी ही नहीं ले रहे हैं बल्कि वे पूरी कोशिश कर रहे हैं कि पीयू को सेंट्रल यूनिवर्सिटी का दर्जा न मिल सके। सीनेट में कुलपति के वक्तव्य से प्रत्येक उस व्यक्ति को धक्का लगा है जो पीयू से जुड़ा रहा है। ऐसे में यह बेहद जरुरी हो गया है कि इस मामले पर हाईकोर्ट संज्ञान ले।

​खासतौर पर कुलपति द्वारा जताई गई चिंता पर कि अगर पीयू को फंड की कमी रही तो अगले वर्ष जनवरी तक पीयू को बंद करने की नौबत आ सकती है। जस्टिस महेश ग्रोवर द्वारा संज्ञान में यह भी कहा गया कि अगर हो सके तो पीयू के कुलपति स्वयं हाईकोर्ट में आकर स्टेक होल्डरों के समक्ष यह मुद्दा उठाएं। जस्टिस महेश ग्रोवर द्वारा उठाए गए इस विषय पर वीरवार को हाईकोर्ट ने संज्ञान लेते हुए पीयू को नोटिस जारी किया है।
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