पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट ने मालिक-किराएदार विवाद का निपटारा करने के लिए अनोखा फैसला सुनाते हुए सोने की कीमत को आधार बनाया है। किराए को तय करने के लिए प्रॉपर्टी रेंट करने की तारीख पर सोने का दाम और विवाद की तिथि पर सोने के दाम का आकलन कर किराया तय किया है।
1972 में सोने का दाम 202 रुपये तोला था और किराया 600 रुपये, 2023 में विवाद के समय सोना 66000 रुपये तोला था और हाईकोर्ट ने किराया 190000 रुपये तय किया है।
संजय बंसल ने मेसर्स मेलोडी हाउस एवं अन्य के खिलाफ याचिका दाखिल करते हुए रेंट कंट्रोलर के फैसले के खिलाफ अपीलीय प्राधिकरण के आदेश को चुनौती दी थी।
याची ने बताया कि उसने मेसर्स मेलोडी हाउस एवं अन्य को चंडीगढ़ के सेक्टर 17-डी में एससीओ संख्या 92, 93 और 94 के भूतल के 435 वर्ग फुट क्षेत्र से बेदखल करने के लिए रेंट कंट्रोलर के पास याचिका दाखिल की थी। किराया नियंत्रक ने 24 अप्रैल, 2023 को इसकी अनुमति दे दी थी। किरायेदारों ने चंडीगढ़ में अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष अपील दायर की।
याचिकाकर्ता-मकान मालिक ने अपीलीय प्राधिकरण के समक्ष 2.5 लाख रुपये प्रति माह के हिसाब से रेंट की मांग कर दी। अपीलीय प्राधिकरण ने 24 जुलाई को आदेश पर रोक लगाते हुए 70,000 रुपये प्रति माह के हिसाब से रेंट तय किया। इसके खिलाफ हाईकोर्ट में अपील की गई। याची ने कहा कि एससीओ-6, सेक्टर 17-ई के 1150 वर्ग फीट के क्षेत्र को 5,00,000 रुपये प्रति माह के रेंट पर दिया गया था।
याची का परिसर 435 वर्ग फीट का है, जिसका किराया 1,90,000 रुपये प्रति माह बनता है। हाईकोर्ट ने कहा कि वर्ष 1972 में सोने की कीमत 202 रुपये/10 ग्राम (24 कैरेट) थी, जो 2023 में 326 गुना की वृद्धि के साथ 66,000 रुपये/10 ग्राम (24 कैरेट) हो गई। 1972 में किराया 600 रुपये था, तो वर्ष 2023 में 1,96,000 रुपये (326x600) होगा।