कोरोना वायरस के चलते देश में जहां हर तरफ लॉकडाउन है। ऐसे में किराए पर रहने वाले लोगों के लिए किराया देना एक बड़ा संकट हो गया है। ऐसे में कुछ मकान मालिक फरिश्ते का रूप बनकर अपना किराएदारों का किराया माफ भी कर रहे हैं। सेक्टर-52 में घरों में काम कर गुजारा करने वाली दो महिलाओं का किराया माफ करने पर वह भावुक होकर रो पड़ीं। उन्होंने इस नेक काम के लिए मकान मालिकों का धन्यवाद किया।
बता दें कि कर्फ्यू के चलते रोज कमाकर खाने वाले लोगों को इस समय बहुत-सी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। न तो उनके पास पैसे हैं और न ही राशन। सेक्टर-52 में रहने वाली चंपा और घरों में काम करने वाली अन्य महिलाओं की।
एक तो वे दो दिन भूखी थी, दूसरा उन्हें किराया देने की चिंता सता रही थी। इस स्थिति में चंपा और एक अन्य महिला के मकान मालिकों ने उनका किराया माफ कर दिया। वहीं खाना बांट रही संस्थाओं को फोन कर सभी महिलाओं के परिवार के लिए खाने की व्यवस्था कराई।
हर मकान मालिक को माफ करना चाहिए किराया: जसविंदर और उमा
अमर उजाला से बातचीत में मकान मालिक जसविंदर कुमार और उमा शंकर मौर्य ने कहा कि इस समय बाहर से आए लोग काफी मजबूर हैं। कई लोग तो ऐसे हैं जिन्होंने दो दिन से खाना नहीं खाया है। ऐसे में उन पर किराए के लिए दबाव बनाना हमारी इंसानियत पर धब्बा होगा। इस समय हमें एक-दूसरे का दुख समझकर साथ देने की आवश्यकता है।
शहर के हर मकान मालिक को अपने किराएदारों से तब तक किराया नहीं लेना चाहिए, जब तक स्थितियां सामान्य नहीं हो जातीं। उनकी यह कोशिश देश के लिए सबसे बड़ा योगदान होगी क्योंकि उनके ऐसा करने से पलायन रुकेगा और कोरोना वायरस भी आगे बढ़ने से रुकेगा।