चंडीगढ़। सदन की विशेष बैठक में 24 घंटे पानी की परियोजना पर आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने विस्तृत रिपोर्ट पेश की। परियोजना पर वर्ष 2016 से अब तक के कार्यों की जानकारी देते हुए बताया कि जून से मनीमाजरा के करीब एक लाख लोगों को 24 घंटे पानी मिलने लगेगा। इसके पांच साल बाद वर्ष 2029 के अंत तक पूरे शहर में इस परियोजना को लागू किया जाएगा। पहले वर्ष 2027 से इसे पूरे शहर में लागू करने का दावा किया गया था।आयुक्त ने बताया कि शहर में वर्तमान में 96 एमजीडी पानी आता है, जिसमें से 76 एमजीडी कैनाल वाटर और 20 एमजीडी विभिन्न ट्यूबलों के माध्यम से मुहैया कराया जाता है। अभी प्रति व्यक्ति 245 लीटर पानी की खपत है, जो देश में सबसे ज्यादा है। औसतन यह 150 लीटर होना चाहिए। चंडीगढ़ में 38 फीसदी पानी लीकेज से बर्बाद हो रहा है जो बहुत ज्यादा है। इसे 15 फीसदी तक होना चाहिए। लीकेज से पानी की बर्बादी के पीछे कारण यह है कि शहर में वर्ष 1960 में पाइप लाइन बिछाई गई थी, तब से सिर्फ मरम्मत ही हो रही है। पैचेज ज्यादा होने से बहुत पानी बर्बाद होता है।
आयुक्त ने बताया कि 2019 से लेकर 2022 तक पानी लीकेज के करीब 25131 केस आए। इन्हें ठीक करने पर करीब 47 करोड़ रुपये खर्च हुए। गंदे पानी की करीब पिछले तीन साल में दूषित पानी के 1315 शिकायतें आईं और मिट्टी से युक्त पानी की 1787 केस सामने आए। बताया कि 24 घंटे की परियोजना के लागू होने के बाद पाइप लाइन भी बदली जाएगी। इससे ये समस्याएं दूर हो जाएंगी।