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चंडीगढ़ : नहीं रहे दिग्गज खिलाड़ी बलबीर सिंह जूनियर, हॉकी के एक युग का अंत

Mon, 12 Apr 2021 02:04 AM IST
पंचकुला ब्‍यूरो संजीव पंगोत्रा, संवाद न्यूज एजेंसी, चंडीगढ़

सार

  • चंडीगढ़ स्थित आवास में ली अंतिम सांस, लंबे समय से थे बीमार
  • अमेरिका से बेटी पहुंची, कनाडा से बेटा नहीं आ पाया
  • सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में हुआ अंतिम संस्कार
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बलबीर सिंह जूनियर पत्नी सुखपाल कौर के साथ। - फोटो : फाइल
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विस्तार
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पूर्व हॉकी खिलाड़ी और एशियन गेम्स में रजत पदक विजेता टीम के सदस्य बलबीर सिंह जूनियर का रविवार सुबह निधन हो गया। वह 89 वर्ष के थे। संसारपुर (जालंधर) में 2 मई 1932 को जन्मे बलबीर सिंह जूनियर चंडीगढ़ के सेक्टर-34 में रहते थे। देर शाम सेक्टर-25 स्थित श्मशान घाट में अंतिम संस्कार किया गया। उनके निधन से हॉकी के युग का अंत हो गया।

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बलबीर सिंह जूनियर की पत्नी सुखपाल कौर ने बताया कि वह दिल की बीमारी से पीड़ित थे और बीते काफी समय से बीमार चल रहे थे। सुबह पांच बजे के करीब जब उन्हें उठाने की कोशिश की गई तो वह उठे नहीं।

 

सुखपाल कौर ने बताया कि वह अपने पीछे दो बच्चे छोड़ गए हैं। इनमें एक बेटा और बेटी है। बेटा हरमनजीत कनाडा में रहता है जबकि बेटी मनदीप कौर अमेरिका में रहती है। निधन की खबर सुनकर बेटी आ गई जबकि बेटा नहीं पहुंच सका।

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छोटी उम्र में ही थाम ली थी हॉकी स्टिक

महज छह वर्ष की उम्र से हॉकी स्टिक पकड़ने वाले बलबीर सिंह जूनियर राष्ट्रीय हॉकी का जाना-माना चेहरा थे। वर्ष 1984 में सेना से बतौर मेजर सेवानिवृत्त हुए। भारतीय रेलवे को हॉकी की बुलंदियों तक ले जाने में उनकी अहम भूमिका रही। इसी की बदौलत वर्ष 1957 से 59 तक रेलवे की टीम नेशनल चैंपियन रही।
 
डीएवी कॉलेज जालंधर से स्नातक की पढ़ाई पूरी करने वाले बलबीर जूनियर के करिअर में नया मोड़ तब आया जब उन्होंने 1962 में सेना की नौकरी शुरू की। नेशनल हॉकी टूर्नामेंट में वह दिल्ली में सेना के लिए खेलते थे। उन्होंने केन्या के खिलाफ भी टेस्ट मैच खेले। पंजाब यूनिवर्सिटी टीम के कभी कप्तान रहे। बलबीर सिंह जूनियर नेशनल में पंजाब की स्टेट टीम का भी हिस्सा रहे।

बलबीर सिंह सीनियर से थी अच्छी दोस्ती
पत्नी सुखपाल कौर ने बताया कि बलबीर सिंह जूनियर और बलबीर सिंह सीनियर एक दूसरे को अच्छी तरह से जानते थे। कई मौकों पर वह एक साथ खेले भी। पिछले साल जब बलबीर सिंह सीनियर इस दुनिया को अलविदा कह गए।
 
तब जूनियर कई दिनों तक दुखी रहे। बलबीर सिंह जूनियर वर्ष 1984 में चंडीगढ़ में रहना शुरू कर दिया था। वहीं सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद वह गोल्फ में सक्रिय हो गए थे। गोल्फ खेलना उनकी दिनचर्या में शामिल हो गया था। वह चंडीगढ़ गोल्फ क्लब के सदस्य भी थे।
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