बिना छुट्टी लिए एक महिला चिकित्सक सिविल अस्पताल से गैर हाजिर रहने से मृतक महिला का पोस्टमार्टम नहीं हो सका और उसके परिजन पांच घंटे तक भटकते रहे।
जब इसकी जानकारी कार्यकारी सिविल सर्जन और एमएस को दी गई तो उन्होंने एक अन्य महिला डाक्टर अभिलाषा को पोस्टमार्टम करने वाले पैनल में शामिल किया। इसके बाद ही महिला के पोस्टमार्टम हो सका।
जानकारी के अनुसार एक महिला का शव पिछले तीन दिन से सिविल अस्पताल में ही पड़ा था, क्योंकि किसी कारणवश पुलिस तक इसकी सूचना नहीं पहुंची थी। जब महिला के ससुराल वालों ने सूचना संबंधित क्षेत्र की पुलिस को दी तो पुलिस पोस्टमार्टम कराने के लिए सिविल अस्पताल पहुंची।
अस्पताल पहुंचने पर परिजनों को पता चला कि पैनल में शामिल एक महिला डाक्टर ड्यूटी से गैरहाजिर है। इसके बाद पोस्टमार्टम रूम के बाहर करीब आठ बजे से बैठे महिला के परिजन बार-बार डॉक्टरों के पास चक्कर लगाते रहे और पांच घंटे तक भटकते रहे। इसके बाद मीडियाकर्मियों की मदद से महिला के परिजनोें ने कार्यकारी सिविल सर्जन डॉ. एनके झांब और कार्यकारी एमएस डॉ. मनजीत को डॉ. उमा के गैरहाजिर रहने की जानकारी दी।
दोनों अधिकारियों ने पहले तो कुछ जवाब नहीं दिया, फिर बाद में फोन पर इन्हाेंने जानकारी दी कि डॉ. अभिलाषा को पोस्टमार्टम करने वाले डॉक्टरों के पैनल में शामिल किया गया है इसके बाद ही महिला का पोस्टमार्टम हुआ।
बच्चे को जन्म देने के बाद हुई थी मौत
बताया गया है कि कैलाश नगर निवासी रेखा रानी पत्नी सेठी गर्भवती थी और बच्चे को जन्म देने के बाद उसकी हालत बिगड़ गई, जिसे एलएनजेपी लगाया गया, जहां उसकी मौत हो गई। इसके बाद महिला का पति सेठी उसे छोड़कर मौके से फरार हो गया, जबकि समय से पहले पैदा हुए (सातवें महीने में) बच्चे को सिविल अस्पताल में ही डॉक्टरों को नवजात शिशु देखरेख इकाई में रखा गया, जहां उसका उपचार चल रहा है। शनिवार को महिला के ससुराल वाले पोस्टमार्टम कराने के लिए सिविल अस्पताल पहुंचे।
वर्जन
कार्यकारी एमएस डॉ. मनजीत ने बताया कि डॉ. अभिलाषा को ड्यूटी देने के लिए कहा गया है, जबकि डॉ. रजनी ऑन कॉल हैं। आवश्यकता पड़ने पर डॉ. रजनी को कॉल करके बुलाया जा सकता है।