पंचकूला। चैत्र नवरात्र में श्री माता मनसा देवी श्राइन बोर्ड की ओर से तैयारियां पूरी हो गई हैं। इस बार चैत्र नवरात्र 9 अप्रैल से शुरू होकर 17 अप्रैल तक चलेंगे। श्री माता मनसा देवी मंदिर में नवरात्र से पहले मंदिर को लाइटों को सजाने का काम किया जा रहा है। नवरात्र में 17 प्रकार के फूल माता रानी के दिव्य भवन की शोभा में बढ़ाते नजर आएंगे। ये फूल कोलकाता, यूपी और दिल्ली समेत अन्य प्रदेशों से विशेष रूप से मंगवाए जा रहे हैं। इस बार मंदिर प्रशासन की ओर से 9 अस्थायी भंडारे और तीन अस्थाई भंडारों की व्यवस्था की गई है। मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए 24 घंटे डिस्पेंसरी खुली रहेगी। वहीं, नवरात्र में भक्तों के स्वास्थ्य को मद्देनजर रखते हुए 24 घंटे दो एंबुलेंस के साथ फायर ब्रिगेड मौजूद रहेगी। आचार संहिता के चलते इस बार श्राइन बोर्ड की ओर से पास सेवा बंद रखने का फैसला किया गया है। इसके साथ श्राइन बोर्ड ने तीन पार्किंग की व्यवस्था की है। असहाय और बुजुर्गों लोगों को लाइन के बिना दर्शन करने की अनुमति दी गई है। मंदिर में नौ दिन सुबह यज्ञ, श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ और शाम में भजन संध्या का आयोजन किया जाएगा।
सुरक्षा व्यवस्था के पुख्ता इंतजाम
श्राइन बोर्ड की सुरक्षा समेत करीब 600 पुलिसकर्मी सुरक्षा के लिए तैनात किए जाएंगे। इसके साथ 30 से 35 अतिरिक्त सीसीटीवी लगाए जा रहे हैं।
बुजुर्गों और असहाय लोगों के लिए मुफ्त ऑटो सुविधा
मल्टीलेवल पार्किंग समेत अन्य दो पार्किंग से बुजुर्गों और असहाय लोगों को मंदिर परिसर तक आसानी से लाने के लिए श्राइन बोर्ड की ओर से मुफ्त ऑटो सुविधा की व्यवस्था की गई है।
12 भंडारों की व्यवस्था, व्रत वालों के लिए विशेष रूप से भंडारा
मंदिर प्रशासन की ओर से तीन स्थायी और नौ अस्थाई भंडारों की व्यवस्था की गई है। इसके साथ व्रत रखने वाले भक्तों के लिए फलाहार समेत व्रत वाले प्रसाद की सुविधा उपलब्ध रहेगी।
चलाई जाएगी स्पेशल बसें
श्राइन बोर्ड ने प्रशासन से कालका, जीरकपुर, रायपुररानी, पिंजौर और चंडीगढ़ से स्पेशल बसें चलाने का आवाहन किया है।
सुबह 4 बजे से रात 11 बजे तक भक्त कर सकेंगे माता के दर्शन
मुख्य मंदिर के सहायक पुजारी शंकर गौतम ने बताया कि नवरात्र में मंदिर के कपाट भक्तों के लिए सुबह 4 बजे से लेकर रात 11 बजे तक खोले जाएंगे। इसके साथ नौ दिन माता के अलग -अलग रूप की विशेष रूप से पूजा की जाएगी। मंदिर की यज्ञशाला में सुबह यज्ञ, श्री दुर्गा सप्तशती का पाठ और शाम में भजन संध्या का आयोजन भी किया जाएगा।