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Chandigarh News: कांग्रेस में नहीं थम रहा घमासान, बंसल को मनाने पहुंचे राजीव शुक्ला

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चंडीगढ़। लोकसभा चुनाव के लिए चंडीगढ़ से कांग्रेस उम्मीदवार तय होने के बाद लगातार घमासान जारी है। हर रोज इस्तीफे का दौर चल रहा है। कांग्रेस हाईकमान ने प्रदेश प्रभारी राजीव शुक्ला को मुद्दा सुलझाने की जिम्मेदारी सौंपी है। वीरवार को चंडीगढ़ कांग्रेस के प्रभारी राजीव शुक्ला पूर्व केंद्रीय मंत्री पवन कुमार बंसल के सेक्टर 28 स्थित कोठी पर मिले। दोनों नेताओं के बीच करीब एक घंटे तक बातचीत हुई। राजीव शुक्ला ने चाय पर चर्चा के बाद पवन कुमार बंसल के साथ दोपहर का लंच भी किया। बैठक में पवन कुमार बंसल और राजीव शुक्ला के बीच गहन बातचीत हुई।
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जानकारी मिल रही है कि सवा साल पहले एक सर्वे हुआ था, उसमें बंसल पहले स्थान पर थे। उसके बाद एक सर्वे में भी वे पहले नंबर थे। यह पार्टी की ओर से सर्वे कराया गया था लेकिन बाद के एक और सर्वे के आधार पर बंसल का टिकट कटा है। हालांकि, बंसल गुट सर्वे को गलत ठहरा रहा है। यही विरोध का कारण है। यह भी जानकारी मिली है कि यह मुद्दा जल्द सुलझा लिया जाएगा। राजीव शुक्ला के दौरे को लेकर पूरे दिन पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं के बीच चर्चा रही। कार्यकर्ताओं की नजर इस बात रही कि दोनों के बीच क्या बातचीत हुई। हालांकि, इस बैठक का नतीजा क्या निकला, यह कुछ दिन बाद देखने को मिलेगा।

अभी तक तिवारी और बंसल में नहीं हुई बात
13 अप्रैल की रात को उम्मीदवार की लिस्ट जारी हुई। इसमें चंडीगढ़ लोकसभा के लिए कांग्रेस का उम्मीदवार मनीष तिवारी को घोषित किया गया। 15 अप्रैल से इस्तीफा और विरोध का दौर शुरू हुआ जो अभी तक जारी है। अभी तक पवन कुमार बंसल और मनीष तिवारी के बीच मुलाकात नहीं हुई। जानकारी यह भी है कि मनीष तिवारी ने बंसल को कई बार फोन किए लेकिन कोई उत्तर नहीं मिला है। इन्हीं सब कारणों के चलते राजीव शुक्ला ने मोर्चा संभाला है और बंसल से मिलने उनके सेक्टर-28 स्थित आवास पर गए।
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कांग्रेस के लिए प्रतिबद्ध हैं बंसल : राजीव शुक्ला
बंसल से मिलने के बाद कांग्रेस प्रभारी राजीव शुक्ला ने कहा कि कोई नाराजगी नहीं है। कांग्रेस के लिए बंसल प्रतिबद्ध हैं। कांग्रेस परिवार एकजुट है। पवन बंसल पार्टी के वरिष्ठ नेता हैं। बंसल 50 वर्षों से पार्टी में हैं। बातचीत होती रहती है। मनीष तिवारी को टिकट देना पार्टी का फैसला है। सामूहिक इस्तीफा के संबंध में हम उन लोगों से भी बात करेंगे। इसका हल निकालेंगे।
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