चंडीगढ़। राष्ट्रीय अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति आयोग ने संस्थान के रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष की ओर से पीजीआई प्रशासन के खिलाफ दायर एक गंभीर शिकायत का आधिकारिक संज्ञान लिया है। आयोग ने पीजीआई निदेशक को भेदभाव और उत्पीड़न के आरोपों के संबंध में की गई कार्रवाई पर रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 15 दिन का समय दिया है।
यह शिकायत रेजिडेंट डॉक्टर्स एसोसिएशन (एआरडी) के पूर्व अध्यक्ष डॉ. हरिहरन की ओर से दर्ज कराई गई थी। उन्होंने पीजीआई प्रशासन पर अपने कार्यकाल के दौरान भेदभावपूर्ण व्यवहार और उत्पीड़न का आरोप लगाया था। इससे पहले उन्हें डीएम परीक्षा में बैठने का अवसर नहीं दिया गया था। यह इन्कार उनके इस्तीफे को वापस लेने के कारण हुआ था, प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण परीक्षा से रोकने के लिए कई कदम उठाए थे।