चंडीगढ़। एक तरफ शहर में तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच चुका है और लू लोगों को झुलसा रही है, वहीं दूसरी ओर चंडीगढ़ के प्रमुख बाजारों में पीने के पानी की समुचित व्यवस्था नहीं है। भीषण गर्मी के बीच खरीदारी के लिए आने वाले ग्राहकों और दिनभर दुकानों पर बैठने वाले कारोबारियों को पानी के लिए परेशान होना पड़ रहा है। कई बाजारों में लोगों को मजबूरी में बोतलबंद पानी खरीदकर प्यास बुझानी पड़ रही है।
हैरानी की बात यह है कि शहर के सबसे व्यस्त और वीआईपी बाजारों में शामिल सेक्टर-17 में भी सार्वजनिक पेयजल व्यवस्था लगभग नदारद है। नगर निगम अधिकारियों के अनुसार बाजारों में पानी के कनेक्शन मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन के माध्यम से लिए जाते हैं और उनका बिल भी एसोसिएशन को ही चुकाना पड़ता है। वहीं व्यापारिक संगठनों का कहना है कि आम लोगों के लिए पेयजल उपलब्ध कराना नगर निगम की जिम्मेदारी होनी चाहिए।
उल्लेखनीय है कि स्मार्ट सिटी मिशन के तहत शहर में 20 प्रमुख स्थानों पर वाटर एटीएम लगाए गए थे जहां दो रुपये में 250 मिलीलीटर और पांच रुपये में एक लीटर ठंडा व शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जाता था लेकिन रखरखाव की कमी के कारण अधिकांश वाटर एटीएम बंद या खराब पड़े हैं। नगर निगम के सुपरिंटेंडेंट इंजीनियर धरमिंदर शर्मा ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में है और इस पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
कोट
हमने नगर निगम कमिश्नर से बाजारों में वाटर एटीएम लगाने की मांग की थी, लेकिन अब तक कोई व्यवस्था नहीं की गई। इससे आम लोग और ग्राहक परेशान हो रहे हैं। -संजीव चड्ढा, अध्यक्ष, चंडीगढ़ व्यापार मंडल
हमारे साथ ही ग्राहकों के लिए भी यह बड़ी परेशानी है। कई लोग अपने साथ पानी लेकर आते हैं, जबकि अन्य को बाजार में पानी खरीदना पड़ता है। -चरंजीव सिंह, चेयरमैन, व्यापार मंडल
नगर निगम की ओर से बाजार में पानी का कोई इंतजाम नहीं है। हमने अपने स्तर पर पानी की टंकी रखी हुई है, जिसका बिल भी हम ही भरते हैं। -योगेश कुमावत, प्रधान, सेक्टर-37 मार्केट वेलफेयर एसोसिएशन