जीरकपुर। नगर परिषद की टीम ने फ्रेंड्स एनक्लेव में स्थानीय लोगों की मांग पर नौ फुट में अवैध तरीके से बनाई जा रही दुकान को ढहा दिया। इसकी शिकायत स्थानीय लोगों की ओर से निकाय विभाग के मंत्री बलकार सिंह की ओर से जारी किए हेल्पलाइन नंबर पर की गई थी।
बता दें कि निकाय मंत्री बलकार सिंह की ओर से जारी किए गए हेल्पलाइन नंबर को अभी एक सप्ताह ही हुआ है और शिकायत पर कार्रवाई को अंजाम देते हुआ बलटाना क्षेत्र में पांच अवैध निर्माणों को रोक दिया गया है और फ्रेंड्स एनक्लेव में दो दुकानों को ध्वस्त करने की कार्रवाई से स्थानीय लोग बेहद खुश हैं, लेकिन लोगों की ओर से यहां एक सवाल यह भी किया जा रहा है कि क्या मंत्री के आदेशों पर ही कार्रवाई की जाएगी। शहर में कई दर्जन अवैध निर्माण अभी भी चल रहे हैं।
लोगों ने कहा कि नगर परिषद के कर्मचारी और अधिकारी मंत्री की फटकार से बचने के लिए यह कार्रवाई कर रहे हैं, जबकि इससे पहले लोगों की ओर से कई कई बार शिकायत की जाती थी, लेकिन कोई सुनवाई नहीं होती। स्थानीय निवासियों में अशोक तिवारी, दलजीत सिंह, रूपिंदर सिंह, मनजीत कौर, सुधा शर्मा, कविता सहारा, सुनीता ठाकुर, हरजिंदर चीमा, दीपेश वशिष्ट, जसविंदर सिंह ने बताया कि इससे पहले नगर परिषद के अधिकारियों को कई-कई बार शिकायत की जाती थी। बिल्डिंग बनकर भी तैयार हो जाती थी लेकिन नगर परिषद के अधिकारियों की ओर से एक नोटिस भेजकर पल्ला झाड़ लिया जाता था ताकि उन्हें कोई जवाब न देना पड़े। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि शहर में इस समय हो रहे कई अवैध निर्माणों पर भी ऐसी ही कार्रवाई होनी चाहिए।
सख्त कार्रवाई के बाद ही लगेगी लगामलोगों ने बताया कि इससे पहले भी ढकोली में पंचकूला हाईवे पर बने फ्लाईओवर के नजदीक बिल्डिंग बायलॉज के बिना निर्माण कर लिया गया था। इस बिल्डिंग को सील कर दिया गया था जो जीरकपुर के इतिहास में बड़ी कार्रवाई मानी गई। लोगों ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार में भी अधिकारियों की मिलीभगत के चलते अवैध निर्माण रुक नहीं रहे, लेकिन अब पंजाब सरकार की ओर से चलाई गई मुहिम से लोगों की उम्मीद कुछ बढ़ने लगी है। लोगों ने कहा कि अवैध निर्माण बनने से पहले ही रोक देना चाहिए, नहीं तो हालात भबात क्षेत्र जैसे बन सकते हैं। निर्माण होने के बाद जनता को भारी नुकसान झेलना पड़ता है। लोगों ने मांग की है कि शहर में हो रहे अवैध निर्माणों को तुरंत प्रभाव से रोका जाए, ताकि शहर के हालात और बदतर न हों।
कोट्स
यह कार्रवाई नगर परिषद के पास आई शिकायतों के आधार पर की गई है। हमने निकाय विभाग से कोई शिकायत नहीं मिली। अवैध निर्माण के खिलाफ सबसे पहले 195 डी का नोटिस भेजा जाता है। उसके बाद भी यदि अवैध निर्माण नहीं रोका जाता तो उस निर्माण को तोड़ दिया जाता है। यह कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। शहर के बाकी निर्माणों पर भी कार्रवाई की जाएगी। -रवनीत सिंह, कार्यकारी अधिकारी, जीरकपुर