चंडीगढ़। नेशनल शूटर सिप्पी सिद्धू हत्याकांड में सोमवार को फिर से सीबीआई कोर्ट में सुनवाई हुई। दिल्ली से सीबीआई की सीएफएसएल डाॅ. रंजिता कुमारी से आरोपी पक्ष द्वारा क्रॉस एग्जामिनेशन किया गया। मनोवैज्ञानिक डॉक्टर ने बयानों में कहा था कि कल्याणी ने सीबीआई कस्टडी में सीएफएसएल की टीम को पूछताछ के दौरान गुमराह किया था। मनोवैज्ञानिक विशेषज्ञ ने कोर्ट में 10 अक्तूबर को हुई गवाही के दौरान दिए बयानों में बताया था कि सीबीआई की हिरासत में रहने के दौरान उससे आमने-सामने बैठकर बातचीत की गई थी। इसके बाद यह अनुमान लगाया गया था कि कल्याणी अपराध में शामिल होने के बारे में अपने बयानों में भ्रामक लग रही थी। अधिकारी डाॅ. रंंजिता कुमारी ने कहा था कि मनोवैज्ञानिक-व्यवहार मूल्यांकन के दौरान देखा गया कि उसने नकारात्मक प्रतिक्रिया दी और प्रासंगिक मुद्दों पर चर्चा होने पर सीधे आई कांटेक्ट करने से परहेज किया। हिरासत में रहने के दौरान कल्याणी फोरेंसिक मनोवैज्ञानिक मूल्यांकन की पूछताछ के समय शारीरिक रूप से सामान्य और मानसिक रूप से सतर्क पाई गई थी। वह उन्हें सही ढंग से सवालों के जवाब न देकर उन्हें गुमराह करने का प्रयास कर रही थी। इस मामले में आरोपी पक्ष ने कोर्ट से कहा था कि पहले तो उन्हें फोरेंसिक की जांच से संबंधित पूछे गए प्रश्नों से संबंधित दस्तावेज नहीं दिए गए थे, लेकिन कोर्ट ने बाद में सीबीआई को केस से जुड़े मांगे गए दस्तावेज उपलब्ध करवाने के लिए कहा था। दस्तावेज उपलब्ध होने के बाद अब आरोपी पक्ष ने विशेषज्ञ डॉक्टर से उनके द्वारा कल्याणी से किए गए सवाल व जवाब को लेकर क्राॅस किया। आरोपी पक्ष ने पूछा कि कल्याणी ने उन्हें कैसे भ्रामक जवाब दिए। इस मामले में अब अगली सुनवाई 28 नवंबर को होगी।