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आधी रात नाटक में दिखाया बिल्डर अपने स्वार्थ के लिए जला देते हैं बस्ती

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चंडीगढ़। टैगोर थिएटर के मिनी ऑडिटोरियम में शनिवार को नाटक ‘आधी रात के बाद’ का मंचन हुआ। यह नाटक अमेजिंग थॉट्स थिएटर ग्रुप की ओर से गोल्डी प्रोडक्शन दिल्ली के कलाकारों ने मंचन किया। नाटक में दिखाया गया कि अपने स्वार्थ के लिए बिल्डर एक चौल (बस्ती) में सुबह तीन बजे आग लगा देते हैं। 60 साल पुरानी चौल में 25 लोग जलकर मर जाते हैं। दो आग बुझाने वालों की भी मौत हो जाती है।
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नाटक में यह भी दिखाया गया कि इस चोर का बस्ती में आना जाना था। वहां के लोगों के साथ उसका अच्छा संबंध था। उस बस्ती को बिल्डर हटाना चाहते थे। बिल्डिरों ने बस्ती में आग लगा दी। चोर एक बिल्डर के घर चोरी करने पहुंचता है। वहीं पर वह बस्ती में आग लगाए जाने की घटना की साजिश के बारे में सुन लेता है। बस्ती में आग किस प्रकार लगी, इसकी सुनवाई हो रही है। आग के असली कारणों को भटका कर दूसरी ओर बचाव की ओर ले जाया जाता है। इसमें एक खोजी पत्रकार को भी मार दिया जाता है क्योंकि उनके पास आग लगाए जाने की घटना का सबूत होता है। बिल्डर पत्रकार को भी एक्सीडेंट करवा कर मरवा देता है, लेकिन सबूत चोर के हाथ लग जाते हैं। चोर रात दो बजे जज के घर चोरी करने जाता है। चोर जज से कहता है कि वह पुलिस को बुलाए और गिरफ्तार करवाए। वह सबूत के साथ जज के पास जाता है और सच्चाई बयां करता है। बाद में जज पुलिस को बुलाते हैं। इस नाटक में हैरी बसरा ने चोर, गोल्डी सिंह ने जज और दीपक राणा ने एक व्यक्ति का रोल किया है।
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