भाजपा प्रत्याशी सुभाष सुधा और थानेसर नगर परिषद की चेयरमैन सहित नप अधिकारियों पर चुनाव आचार संहिता की उल्लंघना का डंडा चलना अब लाजिमी है।
बुधवार को नगर परिषद ने आदर्श चुनाव आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते हुए भाजपा प्रत्याशी के चुनावी कार्यालय को चकाचक बनाने में पूरी ताकत झोंक दी। नगर में जहां गंदगी के अंबार लगे हैं।
वहीं थानेसर के एक बंद सिनेमा घर में भाजपा प्रत्याशी सुभाष सुधा का दफ्तर चमकाने में परिषद की सरकारी मिशनरी ने पूर जोर लगा दिया।
घंटों की मशक्कत के बाद नप कर्मियों ने भाजपा प्रत्याशी द्वारा बनाए जाने वाले चुनावी कार्यालय व परिसर को निखारने में कोई कसर नहीं छोड़ी।
लेकिन जैसे ही ‘अमर उजाला’ का यहां कैमरा घूमा तो देखते ही देखते इस काम में लगे कर्मचारी फरार हो गए। हालांकि आसपास स्थित दुकानदार इस नजारे को देखते रह गए।
सफाई के दौरान किसी प्रकार की धूल मिट्टी न उड़े इसके लिए नगर परिषद के पानी के टैंकर मंगाए गए। सिनेमाघर परिसर में इस टैंकर ने पानी के छिड़काव के लिए खूब चक्कर लगाए।
इसके बाद लगभग तीन साल से बंद पड़े सिनेमा घर की सफाई का अभियान चला। यहां सिनेमाघर परिसर में नप की मिशनरी इसलिए जुटी क्योंकि भाजपा प्रत्याशी सुभाष सुधा की पत्नी उमा सुधा थानेसर नगर परिषद अध्यक्ष की अध्यक्ष हैं।
अब इस कार्य के लिए परिषद चेयरमैन जिम्मेदार है या नगर परिषद के अधिकारी या कोई और इसकी जांच जिला प्रशासन कर रहा है।
एसडीएम विनय प्रताप सिंह ने नप के अधिकारी को तलब किया है। उन्होंने मामले को संज्ञान में लेते हुए आश्वासन दिया है कि जो भी दोषी होगा उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
हालांकि कई बार फोन पर संपर्क किए जाने पर भाजपा प्रत्याशी सुभाष सुधा और नप अध्यक्ष उमा सुधा से संपर्क नहीं हो सका। जब भाजपा जिलाध्यक्ष धुम्मन सिंह किरमिच से जानकारी लेनी चाही तो वे बोले मैं मीटिंग में हूं।
मेरे नोटिस में नहीं : ईओ
थानेसर नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एमएस जगत के मुताबिक ये मामला उनके नोटिस में नहीं है। लेकिन ‘अमर उजाला’ की सूचना के बाद उन्होंने नगर परिषद के मुख्य सफाई निरीक्षक रुप रविंद्र बिश्नोई से जवाब मांगा है।
एसडीएम और ईओ ने लगाई फटकार
ममाले की भनक लगते ही थानेसर के एसडीएम विनय प्रताप सिंह एवं थानेसर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर एमएस जगत ने नप के मुख्य सफाई निरीक्षक रूप रविंद्र बिश्नोई को फटकार लगाई।
जगत ने बताया कि बिश्नोई को एसडीएम ऑफिस में तलब किया है। नगर परिषद के एग्जीक्यूटिव ऑफिसर जगत ने बताया कि मुख्य सफाई निरीक्षक से लिखित में जबाव मांगा जा रहा है।
हमको तो ठेकेदार ने भेजा था
नगर के बंद पड़े सिनेमाघर की सफाई में जुटी पूरी टीम में उस वक्त अफरातफरी मच गई जब पूरे घटनाक्रम की फोटो कैमरे में कैद हो रही थी। इसके तुरंत बाद इन्होंने काम को अधर में छोड़ दिया।
इसके बाद सिनेमाघर के भीतर और बाहर से जुटाए कचरे को ट्रैक्टर ट्रॉली में भरकर फरार हो गए। यहां चलते-चलते जब इनसे जानकारी मांगी तो पहले ये लोग मुस्कुराए और इसके बाद बोले हमको तो ठेकेदार ने भेजा था।
कन्या स्कूल के गेट पर कचरा नहीं दिखता
शहर के बीच स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक स्कूल में हजारों छात्राएं पढ़ रही हैं। दो शिफ्ट में चलने वाले इस स्कूल के एक गेट पर बरसों से गंदगी के अंबार लगे हैं।
स्कूल प्रिंसिपल, स्टाफ व छात्राएं दुर्गंध से परेशान हैं। यही जगह नहीं, नगर में ऐसे कई स्थान हैं। लेकिन नगर परिषद को ये गंदगी नहीं दिखती। लेकिन एक राजनेता को वह भी आचार संहित के दौरान फायदा पहुंचाने के लिए सरकारी मिशनरी का दुरुपयोग पूरी मैनपावर के साथ शुरू हो गया।
डीसी की फटकार पर भी नहीं हुई थी सफाई
डीसी निखिल गजराज को राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के गेट पर लगे गंदगी के ढेर को लेकर चार बार अवगत कराया जा चुका है लेकिन स्कूल के गेट के बाहर हालत बद से बदतर होने के बावजूद थानेसर परिषद इस जगह पर कचरा डालने वालों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं कर सका। वहीं सिनेमाघर में गैरकानूनी ढंग से सरकारी मिशनरी का दुरुपयोग होने लगा।
नहीं गया सिनेमाघर में पानी का टैंकर : सीएसआई
मुख्य सफाई निरीक्षक रूप रविंद्र बिश्नोई ने यह तो नहीं बताया कि किसके कहने पर ये काम शुरू हुआ लेकिन उन्होंने ये माना कि सिनेमाघर के पास उन्होंने सफाई के लिए कुछ लोग भेजे थे।
उन्हें भीतर जाकर सफाई करने को नहीं कहा गया था। बिश्नोई के मुताबिक उन्होंने भीतर सफाई करने के लिए मना किया था। वहीं जब उन्हें पानी के टैंकर के बारे में जानकारी दी तो वह बोले सिनेमाघर में पानी का टैंकर जाने का सवाल नहीं उठता।