विश्व ब्राह्मण फेडरेशन ने सरकार से लगाई गुहार
गुरुग्राम। विश्व ब्राह्मण फेडरेशन के चेयरमैन शशि कांत शर्मा ने सरकार से मांग की है कि आरक्षण का प्रमुख आधार जाति नहीं, बल्कि आर्थिक और वास्तविक सामाजिक आवश्यकता को बनाया जाए। उन्होंने मांग की है कि यूजीसी के जनवरी 2026 में प्रकाशित किए गए नए प्रावधानों की व्यापक समीक्षा की जाए और ऐसे प्रावधान वापस लिए जाएं जो विद्यार्थियों के बीच अनावश्यक भय, विभाजन या भेदभाव की आशंका पैदा करते हों। शशि कांत शर्मा ने कहा कि देश में लंबे समय से आरक्षण व्यवस्था सामाजिक न्याय के उद्देश्य से चली आ रही है, लेकिन बदलते सामाजिक एवं आर्थिक परिदृश्य में इसकी समीक्षा आवश्यक है। फेडरेशन सामाजिक न्याय और समान अवसर का समर्थक है, लेकिन सामाजिक न्याय का अर्थ किसी एक वर्ग के प्रति अन्याय नहीं हो सकता। संवाद