चंडीगढ़। 13 लाख रुपये के रिश्वत मामले में फरार चल रहे डीजीपी विजिलेंस के रीडर ओपी राणा ने सीबीआई की विशेष अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। मामले की सुनवाई करते हुए अदालत ने सीबीआई को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अब इस मामले में 21 मई को सुनवाई होगी।
सुनवाई के दौरान ओपी राणा के वकील ने अदालत में दावा किया कि उनके मुवक्किल को झूठा फंसाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सीबीआई जानबूझकर उनकी छवि खराब करने का प्रयास कर रही है जबकि राणा जांच में सहयोग करने को तैयार हैं।
सीबीआई ने पिछले सप्ताह मलोट के स्टेट टैक्स अधिकारी अमित कुमार से रिश्वत मांगने के आरोप में बिचौलिए राघव गोयल और उसके पिता विकास गोयल को गिरफ्तार किया था। कार्रवाई के दौरान ओपी राणा टीम को चकमा देकर फरार हो गया था। आरोप है कि अमित कुमार को फर्जी केस में फंसाने की धमकी देकर डीजीपी के नाम पर 20 लाख रुपये रिश्वत मांगी गई थी जबकि सौदा 13 लाख रुपये में तय हुआ था।