समायोजन के मुख्यमंत्री के आदेश के बावजूद आज तक नहीं मिले नियुक्ति पत्र
स्कूल एसोसिएशन का आरोप-नहीं सुन रहे अधिकारी, भूख हड़ताल की दी चेतावनी
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। मेवात माडल स्कूलों के शिक्षा विभाग में समायोजन के मुख्यमंत्री मनोहर लाल के आदेश के तीन साल बीतने के बाद भी टीजीटी अध्यापकों के नियुक्ति पत्र जारी नहीं किए गए हैं। अध्यापक लगातार निदेशालय के चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन आज तक कोई सुनवाई नहीं हुई है। मेवात माडल स्कूल एसोसिएशन ने चेताया है कि अगर जल्द ही अध्यापकों को नियुक्ति पत्र नहीं दिए तो वह निदेशालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठेंगे।
बता दें कि मेवात विकास बोर्ड की 30वीं बैठक में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने मेवात के विभिन्न खंडों में स्थापित आठ मेवात मॉडल स्कूलों को शिक्षा विभाग में समायोजित करने का निर्णय लिया था। लगभग तीन साल बीत जाने के बावजूद भी इन स्कूलों का शिक्षा विभाग में पूर्ण रूप से समायोजन नहीं हो पाया है। टीजीटी अध्यापकों को नियुक्ति पत्रों का इंतजार है, जिसके कारण अध्यापक अपने भविष्य को लेकर शिक्षा निदेशालय के चक्कर लगा रहे हैं। एसोसिएशन का दावा है कि इन स्कूलों का परिणाम शुरू से ही अव्वल रहा है।
मेवात मॉडल स्कूल एसोसिएशन के पूर्व राज्य प्रधान एवं मुख्य सलाहकार सतीश खटाना ने कहा कि अध्यापकों के कागजातों का निदेशालय दो बार सत्यापन भी करा चुका है। एसोसिएशन इस संबंध में कई बार उच्च अधिकारियों के साथ वार्ता भी कर चुकी है, परंतु स्थिति अभी भी जस की तस बनी हुई है l कोरोना के समय में इन स्कूलों में कार्यरत दो टीजीटी अध्यापकों की मौत हो चुकी है। जबकि एक परिवार में तो पति व पत्नी दोनों की ही मौत हो चुकी है, फिर भी उनके परिवार को अभी तक एक्सग्रेसिया का लाभ नहीं दिया गया है।
एसोसिएशन के प्रधान विजेन्द्र ने टीजीटी के नियुक्ति पत्रों में देरी को लेकर विभाग के प्रति नाराजगी प्रकट की और कहा कि बहुत से अध्यापक साथी मानसिक रूप से बहुत परेशान हैं। महासचिव कमरुद्दीन ने कहा यदि जल्द टीजीटी के नियुक्ति पत्र व समायोजन के दौरान कर्मचारियों पर लगाई गई अनुचित शर्तें नहीं हटाई गईं तो शिक्षा सदन के सामने भूख हड़ताल करेंगे l