चंडीगढ़। नगर निगम ने सीवरेज पानी का 100 प्रतिशत उपचार हासिल कर लिया है। निगम ने गैर-पेयजल उद्देश्यों के लिए ताजे पानी के उपयोग को कम करने के लिए टर्शरी ट्रीटमेंट (टीटी) पानी का उपयोग करने का लक्ष्य रखा है। अपशिष्ट जल प्रबंधन के लिए निगम ने 71.58 करोड़ के अनुमानित बजट के साथ शहर में टर्शरी उपचारित जल आपूर्ति प्रणाली को मजबूत करने का काम शुरू किया है। पंजाब के राज्यपाल और यूटी के प्रशासक बनवारीलाल पुरोहित ने शहर के मेयर कुलदीप कुमार, सलाहकार राजीव वर्मा, गृह सचिव नितिन कुमाार यादव और नगर निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा की उपस्थिति में इस योजना के सुदृढ़ीकरण और संवर्धन के काम का शुभारंभ किया।
प्रशासक ने कहा कि यह परियोजना पीने के पानी के संरक्षण के लिए एक वरदान होगी, क्योंकि सिंचाई उद्देश्यों के लिए शहर में लगभग 20 एमजीडी उपचारित पानी का उपयोग रुकने से बहुमूल्य पीने योग्य पानी की बचत होगी। उन्होंने कहा कि एमसीसी को परियोजना के कार्यान्वयन और पूरे शहर में पाइपलाइन बिछाने के बाद गैर-पीने योग्य पानी के उपयोग को प्रतिबंधित करना चाहिए और सभी प्रकार के गैर-पीने योग्य उद्देश्यों के लिए उपचारित पानी की आपूर्ति बढ़ानी चाहिए।
प्रशासक ने कहा कि यह ध्यान देने योग्य है कि स्मार्ट सिटी मिशन की ओर से सभी छह एसटीपी को सीक्वेंसिंग बैच रिएक्टर (एसबीआर) तकनीक के साथ अपग्रेड किया गया है, जिसके परिणामस्वरूप टर्शरी उपचारित पानी की गुणवत्ता में काफी सुधार हुआ है, जिससे दुर्गंध की शिकायतें दूर हो जाएंगी। मेयर कुलदीप कुमार ने कहा कि इस पहल के तहत शहर के सभी पार्कों, ग्रीन बेल्टों, रोड बर्म और राउंडअबाउट्स को सिंचाई के लिए उपचारित पानी मिलेगा। इसके अलावा परियोजना के सफल समापन पर पुनर्नवीनीकृत पानी को औद्योगिक क्षेत्र, चरण- 1 और 2 चंडीगढ़ में उद्योगों को भी आपूर्ति की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के कार्यान्वयन से लगभग 20 से 25 मिलियन गैलन प्रति दिन (एमजीडी) पीने योग्य/ताजा पानी बचाने की उम्मीद है, जिससे महत्वपूर्ण भूजल संरक्षण होगा।
निगम आयुक्त आनिंदिता मित्रा ने कहा कि यह पहल सिटी ब्यूटीफुल में हरित और अधिक जल-कुशल भविष्य की तलाश में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। उन्होंने कहा कि पहले टर्शरी उपचारित पानी की आपूर्ति केवल एसटीपी डिग्गियां से की जाती थी। हालांकि, इस परियोजना के पूरा होने के बाद डिग्गियां के एसटीपी के अलावा, रायपुर कलां, 3बीआरडी, मलोया में एसटीपी से टीटी पानी की आपूर्ति की जाएगी।