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खुलासाः भारतीय सेना का एक कदम और आतंकियों में मच गई खलबली, पीओके में शिफ्ट होने लगे हैं

Mon, 10 Dec 2018 11:34 AM IST
मोहित धुपड़, अमर उजाला, चंडीगढ़
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terrorist in india - फोटो : अमर उजाला
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घाटी में डेरा जमाए आतंकियों में खलबली मच गई है। अब आतंकी शिविर पीओके में शिफ्ट होने लगे हैं और ऐसा संभव हुआ है भारतीय सेना के एक कदम से। सैन्य सूत्रों के मुताबिक, कश्मीर में बढ़ते सैन्य अभियानों का ही नतीजा है कि आतंकवादी संगठन अब अपने शिविरों को दोबारा पाक अधिकृत कश्मीर (पीओके) में शिफ्ट करने लगे हैं। उधर, सेना ने भी इन शिविरों को ऑपरेट करने वाले स्थानीय आतंकी कमांडरों और उनके गुर्गों से सख्ती से निपटने की ठान रखी है।
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सूत्रों का कहना है कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठनों द्वारा पीओके से आतंकी शिविरों का संचालन किया जाता रहा है। वहां शिविर वर्तमान में भी संचालित हो रहे हैं। कश्मीर से स्थानीय युवाओं को बरगलाकर पीओके में ले जाया जाता था और वहां उनको जेहादी बनाने के नाम पर हथियार पकड़ा दिए जाते थे। उसके बाद उनका ब्रेन वाश कर उन्हें इन शिविरों में दहशतगर्द बनाने की ट्रेनिंग दी जाती थी। इसके पश्चात इन युवकों को कश्मीर व अन्य इलाकों में दहशत फैलाने के लिए वापस भेज दिया जाता रहा। लेकिन जैसे-जैसे एलओसी पर घुसपैठ मुश्किल होने लगी तो इन आतंकी संगठनों ने कश्मीर के दुर्गम और सुदूर जंगलों में ही आतंकी शिविर लगाने शुरू कर दिए ।

आतंकी संगठनों के लिए यह आसान था कि वे स्थानीय युवकों को पीओके भेजने की बजाय कश्मीर के इन्हीं शिविरों में दहशतगर्दी के लिए ट्रेंड करें। मगर अब सेना द्वारा घाटी में आतंकियों के खिलाफ अपने सैन्य अभियानों को और तेज व सख्त करने के बाद इन शिविरों को चलाने वाले आतंकी संगठनों व स्थानीय कमांडरों की बेचैनी बढ़ गई है। सेना लगातार इन आतंकियों को अपने निशाने पर लिए हुए है। सेना की सख्ती का नतीजा है कि घाटी में चलने वाले आतंकी शिविर दोबारा पीओके में शिफ्ट होने लगे हैं।
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अब घाटी में बड़े आतंकी कैंप नहीं बचे

चंडीगढ़ मिलिट्री लिटरेचर फेस्ट में शिरकत करने आए नार्दर्न कमांड के  पूर्व जीओसी-इन-सी व सितंबर 2016 में सर्जिकल स्ट्राइक के इंचार्ज रहे लेफ्टिनेंट जनरल डीएस हुड्डा ने बताया कि घाटी में अब आतंकियों के बड़े कैंप नहीं बचे हैं। घाटी में हिलकाका में एक बड़े कैंप को भी सेना ने तबाह कर दिया था। उधर, आतंकी भी सेना को नुकसान पहुंचाने का कोई मौका नहीं छोड़ते। सेना भी घाटी में अपना काम कर रही है। इसलिए अब घाटी में सेना का कोई बड़ा आतंकी शिविर नहीं बचा है।

जंगलों में जमीन के नीचे बंकरों में छिपते हैं आतंकी
आतंकी आज भी कश्मीर के दुर्गम और सुदूर इलाकों का इस्तेमाल अपने छिपने के लिए कर रहे हैं। आतंकियों ने इन जंगलों में कई जगह जमीन के नीचे अपने बंकर बना रखे हैं। वे घाटी व अन्य इलाकों में दहशत फैलाते हैं और फिर इन्हीं बंकरों में छिप जाते हैं। हालांकि इन आतंकियों को घाटी में कई स्थानीय लोगों का सहारा भी मिलता है। लेकिन सेना को भनक लगने और मुठभेड़ के डर से आतंकी ज्यादा समय तक रिहायशी इलाकों में नहीं रहते। अपना काम पूरा करने के बाद वे जंगलों में अपने बंकरों को लौट जाते हैं। सेना भी अपने विभिन्न अभियानों के तहत जंगलों में इन बंकरों की तलाश जोरों से कर रही है।
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