2022 का साल पंजाब के लिए चुनौतियों भरा रहा। सूबे में आतंकी-गैंगस्टर व नशा तस्करों का गठजोड़ हावी रहा। पंजाब पुलिस के समक्ष नई चुनौतियां पैदा हुईं, इन सबके बीच अंतरराष्ट्रीय स्तर के गायक सिद्धू मूसेवाला, कबड्डी खिलाड़ी संदीप नंगल अंबियां गैंगस्टरों के शिकार हो गए। पुलिस अपना घर भी नहीं बचा सकी, मोहाली में खुफिया एजेंसी हेडक्वार्टर व सरहाली थाने पर आरपीजी अटैक किया गया।
इस साल पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी आईएसआई ने कार्य करने का अपना तौर तरीका बदला। उसने गैंगस्टरों को आतंकवाद की तरफ धकेला और हेरोइन के धंधे में लगाया। हेरोइन के हर जखीरे के साथ हथियार पंजाब भेजे गए। पाकिस्तान सीमा पर जितनी भी हेरोइन की बरामदगी हो रही है, उनके साथ पिस्तौल व कारतूस भी मिल रहे हैं।
सिद्धू मूसेवाला की हत्या में जिन हथियारों का इस्तेमाल हुआ, वे आधुनिक थे और एके-47 भी इनमें शामिल है। एक अधिकारी के मुताबिक पाकिस्तान सीमा से चीन निर्मित हथियार भी आ रहे हैं, इनमें सी-30 पिस्तौल शामिल है। तस्करी के पीछे पाकिस्तान में बैठे हरिंदर रिंदा, गोल्डी बराड़ व लंडा का इस्तेमाल आईएसआई ने जमकर किया।
सिद्धू मूसेवाला को पंजाब ने गंवाया
29 मई 2022 को सिद्धू मूसेवाला की दिनदहाड़े हत्या कर दी गई। इसकी जिम्मेदारी गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई गुट ने सोशल मीडिया पर ली थी। तभी से लारेंस बिश्नोई पंजाब पुलिस की कस्टडी में है। पंजाब से लेकर पूरे विश्व में मूसेवाला की हत्या से रोष पनप गया। हत्या का तानाबाना विदेश में बैठे गोल्डी बराड़ ने रचा था।
कबड्डी खिलाड़ी अंबियां की सरेआम हत्या
कबड्डी मैच के दौरान 13 मार्च को कबड्डी के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी संदीप नंगल अंबियां की शूटरों ने सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी। इससे यह साफ हो गया कि कबड्डी में गैंगस्टरों का पूरा दखल हो चुका है।
- 4 नवंबर 2022 को पुलिस अभिरक्षा के बीच पंजाब में शिवसेना के नेता सुधीर सूरी की सरेआम गोलियां मारकर हत्या कर दी गई।
- 9 नवंबर 2022 को डेरा समर्थक प्रदीप सिंह की फरीदकोट में हत्या कर दी गई। जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ ने ली।
- 6 अप्रैल को पटियाला में एक यूनिवर्सिटी के बाहर कबड्डी खिलाड़ी धरमिंदर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई।
टिम्मी हत्याकांड से फैली दहशत
7 दिसंबर को व्यापारी टिम्मी चावला और उनके गनमैन की साजन सिंह, हरदीप सिंह उर्फ ठाकर और मंगा सिंह उर्फ बिच्छू ने हत्या कर दी। शूटरों ने उससे 30 लाख की रंगदारी मांगी थी। इससे पंजाब में काफी दहशत फैली।
18 नेटवर्क ध्वस्त, 119 आतंकी काबू
इस वर्ष राज्य पुलिस ने आतंकियों के खिलाफ कई आपरेशन किए और 18 बड़े संगठित आतंकी नेटवर्क को ध्वस्त कर 119 आतंकी काबू किए। इस दौरान 43 राइफल सील की गई। 13 टिफिन आईडी सीज किए गए। कुल 220 पिस्टल/रिवॉल्वर व 24.400 किलोग्राम बरामद किया। पंजाब में इस साल ड्रोन की 244 साइटिंग सामने आई। इनमें से सीमा सुरक्षा बल व पंजाब पुलिस के ज्वाइंट ऑपरेशन के साथ 23 ड्रोन मार गिराए गए, 428 गैंगस्टर पकड़े गए। गैंगस्टर के कुल 111 मॉड्यूल का पर्दाफाश किया गया। 44 किलोग्राम हेरोइन समेत 1 करोड़ 30 लाख की ड्रग मनी भी रिकवर की।
रिंदा की मौत से पाकिस्तान के हौसले टूटे
पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई की गोद में बैठे नामी गैंगस्टर हरविंदर रिंदा की मौत से पाकिस्तान की एजेंसियों के सपने चकनाचूर हुए वहीं भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने चैन की सांस ली। रिंदा ही नए चेहरों का इस्तेमाल कर पंजाब में आईएसआई के प्लान नारको टेरेरिज्म के नेटवर्क को बढ़ा रहा था।
आतंकियों का तीन बार पुलिस पर हमला
2022 में आतंकी गैंगस्टर गठजोड़ ने तीन बार पुलिस पर हमला बोला। नौ मार्च 2022 को नूरपुर बेदी-नंगल मार्ग पर रोपड़ के नूरपूरबेदी की पुलिस चौकी कलमां पर ब्लास्ट किया गया। 10 मई को मोहाली में इंटेलिजेंस हेड क्वार्टर पर रॉकेट लांचर से हमला किया गया। 9 दिसंबर को सरहाली पुलिस थाने पर रॉकेट लांचर से हमला किया गया।
सब इंस्पेक्टर प्रीतपाल ने करवाई पुलिस की किरकिरी
सिद्धू मूसेवाला हत्याकांड का आरोपी दीपक टीनू कस्टडी से फरार हो गया। उसको फरार करवाने में पंजाब पुलिस के सब इंस्पेक्टर प्रितपाल सिंह की अहम भूमिका थी, जिसने दीपक टीनू व उसकी प्रेमिका को अपनी सरकारी कोठी में मिलवाया, जहां से टीनू रात को फरार हो गया। बाद में दिल्ली पुलिस ने टीनू को पकड़ लिया था, लेकिन इस घटना ने पंजाब पुलिस की खासी किरकिरी करवाई।
गौरव यादव ने एडीजीपी स्तर के अधिकारी मैदान में उतारै
गौरव यादव ने 2022 में बतौर डीजीपी कुर्सी संभाली और तमाम बड़े एडीजीपी स्तर के अधिकारियों को मैदान में उतार दिया। वह खुद एडीजीपी स्तर के अधिकारियों को लेकर खुद सर्च आपरेशन चलाते रहे।