पेंशन की टेंशन ने वीरवार को दो बुजुर्गो को अस्पताल पहुंचा दिया। छह से आठ घंटे के इंतजार के कारण एक महिला को सांस लेने में दिक्कत के साथ छाती में दर्द उठने तो दूसरे पुरुष बुजुर्ग को यूरीनरी प्राब्लम की वजह से अस्पताल जाना पड़ा।
महिला बुजुर्ग की तबीयत इतनी खराब हो गई कि उन्हें फायर ब्रिगेड से ही कर्मचारियों ने अस्पताल पहुंचाया। महिला को जब अस्पताल ले जाने की नौबत आई तो उनके परिजनों को बुलाकर तुरंत पेंशन दे दी गई, लेकिन दूसरे को पेंशन नहीं मिली।
दरअसल, पेंशन वितरण की आखिरी तारीख पर सैकड़ों बुजुर्ग और विधवा पेंशनधारक पेंशन लेने सेक्टर पांच के दमकल कार्यालय पहुंचे थे।
इनमें कई बुजुर्गों को हार्ट प्राब्लम थी तो कोई डिप्रेशन, किडनी और आंखों की बीमारी से परेशान था। इनमें कई ऐेसे बुजुर्ग थे, जिन्हें सुबह आठ बजे से शाम चार बजे तक पेंशन नहीं मिली।
एक तो ज्यादा उम्र, ऊपर से बीमारी...। भीड़भाड़ में घंटो इंतजार करते-करते पेंशन लेने पहुंचीं 70 वर्षीय संतोष, कृष्णलाल, सुरेश शर्मा और माया राम की तबीयत खराब हो गई।
दमकल कार्यालय परिसर में ही कोई उल्टी करने लगा तो आंखों के दर्द तो कोई चेस्ट पेन से परेशान था। सेक्टर-15 निवासी 70 वर्षीय संतोष की तबीयत ज्यादा खराब होने पर दमकलकर्मियों ने ही उन्हें आनन-फानन में दमकल वाहन से ही पंचकूला सेक्टर-छह जनरल अस्पताल पहुंचाया।
उन्हें सांस लेने और छाती में दर्द की शिकायत थी। इसके अलावा यूरीनरी प्राब्लम की वजह से 80 वर्षीय बुजुर्ग को भी उनके बेटे को अस्पताल ले जाना पड़ा।
उधर, जनरल अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डा. आभा ने बताया कि ईसीजी रिपोर्ट के अनुसार बुजुर्ग महिला संतोष का ब्लड प्रेशर डाउन होने के कारण हार्ट बिट बढ़ने से चेस्ट पेन शुरू हो गया था। अब नार्मल हैं।
आंख का आपरेशन हुआ है। दमकल कार्यालय में वीरवार को बुलाया गया था। यहां सुबह आठ बजे से बैठी हूं और चार बजने वाले हैं, अभी तक पेंशन नहीं मिली। पिछले सप्ताह भी घंटों बैठकर वापस लौटना पड़ा था।
सुरेश शर्मा, सेक्टर-10
घबराहट के साथ सीने में दर्द है। सुबह नौ बजे से दोपहर के दो बजने वाले हैं। अभी तक पेंशन नहीं मिली।
संतोष, सेक्टर-15
सुबह से कभी इधर कभी उधर दौड़ा रहे हैं। पेशाब के लिए नली लगी है। ज्यादा भागदौड़ के कारण तेज दर्द हो रहा है। तेज दर्द के वजह से जनरल अस्पताल में चेकअप कराना पड़ा।
मनमोहन, सेक्टर-2
किडनी डैमेज है। सुबह आठ बजे से पेंशन के लिए बैठा हूं। दो बार उल्टी हो चुकी है और दोपहर के तीन बजने वाले हैं। अभी तक पेंशन नहीं मिली।
माया राम, सेक्टर-17
पेंशन के लिए आईडी कोड डीसी कार्यालय द्वारा दिया गया है, लेकिन पेंशन लिस्ट में नाम तक नहीं है। एक माह से दौड़ा रहे हैं।
बाला देवी और बबीता, सेक्टर-15
बुजुर्गों का तो खास खयाल रखिए
पेंशन वितरण के दौरान अक्सर बुजुर्गों को दिक्कतें होती हैं। लोगों का कहना है कि तीन-तीन माह तक कई लोगों को पेंशन नहीं मिलती है। एक बार पेंशन रुकने के बाद दोबारा नहीं मिल पाता है।
नगर निगम के कर्मचारी भी हर सेक्टर में एक घंटे से ज्यादा पेंशन नहीं बाटते। यदि सिस्टमेटिक तरीके से पेंशन दी जाए तो किसी को परेशानी नहीं होगी। कम से कम बुजुर्गों का तो खास खयाल रखा जाना चाहिए।
हैडीकैप्ड की भी अनदेखी
हैडीकैप्ड पेंशनधारकों का कहना है कि पहले हैडीकैप्ड बुजुर्गोें को पेंशन दिए जाने का प्रावधान है, लेकिन नगर निगम के कर्मचारी हर बार नियमों को ताक पर रख कर काम करते हैं।