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Chandigarh News: पीजीआई में सिक्योरिटी का टेंडर खत्म, श्रम आयुक्त ने नई कंपनी को लाइसेंस देने से किया इन्कार

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चंडीगढ़। पीजीआई में सिक्योरिटी गार्ड का टेंडर शुक्रवार की रात 12:00 बजे समाप्त हो गया है, लेकिन पीजीआई प्रशासन के पास नई कंपनी को टेंडर देने के बावजूद अनुबंध पर सुरक्षाकर्मी उपलब्ध नहीं हुए हैं। कारण केंद्रीय श्रम बोर्ड की ओर से सुरक्षाकर्मियों को नियमित किए जाने के आदेश का पालन करते हुए श्रम आयुक्त का टेंडर वाली नई कंपनी को लाइसेंस न देना है। ऐसी स्थिति में लाइसेंस न मिलने के कारण नई कंपनी कर्मचारियों की तैनाती करने में असमर्थ है। इस कारण पीजीआई की सुरक्षा व्यवस्था पर तलवार लटक ने लगी है। दूसरी तरफ पीजीआई कॉन्ट्रेक्ट सिक्योरिटी गार्ड वर्कर यूनियन में इस असमंजस की स्थिति से काफी रोष में है। उनका कहना है कि केंद्रीय श्रम बोर्ड के निर्देशानुसार अब वे पीजीआई के नियमित कर्मचारी हो गए हैं। इसके बावजूद पीजीआई प्रशासन उन्हें ड्यूटी पर न आने का आदेश दे चुका है। वहीं, पीजीआई प्रशासन का कहना है कि वह पुरानी कंपनी के कर्मचारियों को किसी भी सूरत में वेतन नहीं देंगे। नए ठेकेदार को लाइसेंस न दिए जाने के मामले पर पीजीआई प्रशासन का कहना है कि वह व्यवस्था को ठीक करने के प्रयास में जुटे हुए हैं। बता दें कि पीजीआई में अनुबंध पर तैनात अलग-अलग 4 संवर्गों में शामिल कर्मचारियों को नियमित करने के लिए केंद्रीय श्रम बोर्ड तीन बार लगातार आदेश जारी कर चुका है। इसमें सुरक्षाकर्मी भी शामिल हैं। अंतिम बार 2021 में आदेश जारी किया गया था, जिसके बाद लगातार आग्रह पर एक्सटेंशन दिया जा रहा था। अंतिम एक्सटेंशन जनवरी 2024 को दी गई थी। उसे दौरान टेंडर लागू हो जाने के कारण बीच में व्यवस्था बाधित नहीं की गई। लेकिन अब केंद्रीय श्रम बोर्ड ने समय अवधि को बढ़ाने पर रोक लगा दी है। इस कारण यह समस्या गंभीर बन गई है। इस संदर्भ में पूर्व में राजपत्री आदेश भी जारी किया जा चुका है। टेंडर की प्रक्रिया लाइसेंस न मिलने के कारण बाधित होने से पीजीआई की अब सुरक्षा की सारी व्यवस्था 120 नियम सुरक्षा कर्मचारियों के कंधे पर आ गई है। स्थिति की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए पीजीआई प्रशासन ने नियमित कर्मचारी के साप्ताहिक अवकाश और छुट्टियों पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। वहीं, आठ घंटे की बजाय एक-एक कर्मचारी की 12 घंटे की ड्यूटी लगाई गई है। इस आदेश से नियमित कर्मचारियों की परेशानी बढ़ गई है। उनका कहना है कि एक कर्मचारी एक बार 12 घंटे की नियमित ड्यूटी कर सकता है। लेकिन अगले दिन फिर उसकी जगह पर कौन ड्यूटी करेगा। क्योंकि एक दिन में लगभग 130 सुरक्षा गार्ड्स की अलग-अलग शिफ्ट में ड्यूटी लगाई जाती है।
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