अब प्रदेश के सभी ट्रैवल एजेंटों को कराना होगा पंजीकरण और हर तीन साल पर कराना होगा रिन्यू
नया कार्यालय या शाखा खोलने के लिए लेना होगा नया पंजीकरण
अमर उजाला ब्यूरो
चंडीगढ़। हरियाणा सरकार ने लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजने वाले ट्रैवल एजेंटों पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। सोमवार को मंत्रिमंडल की बैठक में ‘हरियाणा ट्रैवल एजेंट पंजीकरण और विनियमन विधेयक 2024’ को स्वीकृति दे दी गई। अब इस विधेयक को आगामी बजट सत्र में पेश किया जाएगा। इस विधेयक के तहत कोई भी व्यक्ति पंजीकरण प्रमाण पत्र प्राप्त किए बिना ट्रैवल एजेंट का कारोबार नहीं कर सकता। यदि कोई एजेंट लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजता है, मानव तस्करी या जाली दस्तावेज का इस्तेमाल करता है तो उसके खिलाफ दस साल तक कैद और 2 से 5 लाख रुपये तक के जुर्माना लगाया जा सकता है। वहीं, अधिनियम के प्रावधानों का उल्लंघन करने या प्रतिबंधित उपकरणों के इस्तेमाल करने पर सात साल तक की कैद और दो से पांच लाख रुपये का जुर्माना हो सकता है।
हर ट्रैवल एजेंट को प्राधिकरण में तय समय में आवश्यक दस्तावेजों और शुल्क के साथ पंजीकरण कराना होगा। पंजीकरण से पहले पुलिस सत्यापन करेगी। पंजीकरण की वैधता तीन साल के लिए होगी, जिसे निर्धारित प्रक्रियाओं के अनुसार रिन्यू भी करवाना होगा। नया कार्यालय या शाखा खोलने के लिए नया पंजीकरण प्रमाणपत्र प्राप्त करना होगा। इसके अलावा दिवालियापन, आपराधिक गतिविधियों, शर्तों का उल्लंघन करने पर पंजीकरण प्रमाणपत्र रद्द किया जा सकता है।
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शव लेकर प्रदर्शन किया तो पांच साल तक सजा
बैठक में मंत्रिमंडल ने हरियाणा माननीय शव निपटान विधेयक 2024 को मंजूरी प्रदान कर दी है। इसका मकसद किसी मृत शरीर का सभ्य और समय पर अंतिम संस्कार सुनिश्चित करना है। इस विधेयक के तहत यदि कोई व्यक्ति या संस्था शव को लेकर आंदोलन या विरोध प्रदर्शन करता है तो उसे छह महीने से लेकर पांच साल तक की सजा का देने का प्रावधान किया जाएगा। साथ ही एक लाख रुपये तक का जुर्माना लगाया जाएगा। यदि पुलिस को सूचना मिलती है कि शव को लेकर कोई विरोध प्रदर्शन किया जाना है तो तत्काल पुलिस अधिकारियों को सूचित किया जाएगा और शव कब्जे लेकर उसका अंतिम संस्कार करवाया जाएगा। मगर इस बारे में परिजनों को सूचित करना जरूरी होगा। यदि परिवार शव के अंतिम संस्कार की अनुमति नहीं देता है तो एसडीएम शहरी स्थानीय निकाय विभाग को शव का सम्मानजनक तरीके से संस्कार करने की अनुमति देगा। इसके अलावा यदि कोई परिवार शव को स्वीकार नहीं करता है तो उसे किसी भी तरह की सजा का प्रावधान नहीं होगा।
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हिसार का होगा निरंतर व संतुलित विकास
मंत्रिमंडल ने हिसार मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एचएमडीए) 2024 विधेयक के मसौदे को मंजूरी दे दी है। अब इसे सरकार आगामी विधानसभा के बजट सत्र में पेश करेगी। सरकार ने बताया कि एचएमडीए गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी, फरीदाबाद मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी, पंचकूला मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी और सोनीपत मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी की तर्ज पर काम करेगी। इससे हिसार मेट्रोपॉलिटन क्षेत्र का निरंतर और संतुलित विकास होगा। डेवलपमेंट अथॉरिटी अन्य प्रमुख विभागों के साथ काम करते हुए बुनियादी ढांचे और अन्य प्रमुख सुविधाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।
कृषि गोदामों के लिए कम से कम दो एकड़ क्षेत्र होगा अनिवार्य
हरियाणा ने मल्टी-मॉडल लॉजिस्टिक्स पार्क, कंटेनर डिपो, कृषि गोदामों की स्थापना के लिए नीति में संशोधन किया है। इसके तहत इंटीग्रेटेड इनलैंड कंटेनर डिपो की स्थापना के लिए न्यूनतम 20 एकड़ क्षेत्र आवश्यक होगा, जबकि वर्तमान में 50 एकड़ जगह का प्रावधान था। खुदरा सुविधाओं वाले कृषि गोदामों के लिए न्यूनतम 2 एकड़ क्षेत्र अनिवार्य होगा। अभी तक खुदरा सुविधाओं वाले गैर-कृषि गोदामों के लिए 5 एकड़ की आवश्यकता होती है। इसके अलावा डेवलपर्स को कृषि गोदामों के लिए न्यूनतम 33 फीट और गैर-कृषि गोदामों के लिए 60 फीट की दूरी सुनिश्चित करनी होगी। कोल्ड चेन भंडारण सुविधाओं के लिए न्यूनतम 33 फीट दूरी की आवश्यकता होगी।
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सेवानिवृत्त अधिकारी भी बन सकेंगे सदस्य
मंत्रिमंडल की बैठक में गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण में सदस्यों की नियुक्ति की अधिसूचना में संशोधन को मंजूरी प्रदान की गई। इसके तहत अब सेवानिवृत्त अधिकारी को भी गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण के सदस्य के रूप में नियुक्ति पर विचार किया जा सकता है। सरकार ने गुणवत्ता आश्वासन प्राधिकरण का गठन पांच अप्रैल को किया था।
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शहीदों के आश्रित नहीं कर पाए थे आवेदन, अब मिलेगी नौकरी
बैठक में 18 शहीदों के आश्रितों को नौकरी देने की स्वीकृति प्रदान की है, जो किन्हीं कारणों से समय पर नौकरी के लिए आवेदन नहीं कर पाए थे। नियुक्ति के 18 मामलों में से 8 मामले अर्द्धसैनिक बलों के और 10 मामले सशस्त्र सेना से संबंधित थे। शहीदों के आश्रितों द्वारा नौकरी के लिए आवेदन करने में देरी का कारण हरियाणा सरकार की अनुकंपा नीति से अनभिज्ञता होना, नाबालिग होना या बीमार होना आदि बताया गया है।
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गुरुग्राम और सोहना में बुनियादी ढांचे के लिए 15 सौ करोड़ रुपये की मंजूरी
गुरुग्राम में ग्लोबल सिटी और आईएमटी, सोहना में बुनियादी ढांचे के विकास के अलावा औद्योगिक क्षेत्र के अन्य स्थानों पर भूमि विकास के लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक और बुनियादी ढांचा विकास निगम लिमिटेड (एचएसआईआईडीसी) की 1500 करोड़ रुपये का ऋण मंजूर किया गया है। निगम के पास लगभग 14 हजार करोड़ रुपये का ऋण था, जो अब घटकर 4000 करोड़ रुपये रह गया है।
सैन व ब्राह्मण समाज को दी जाएगी जमीन
फरीदाबाद के एनआईटी में 1094 वर्ग गज सरकारी भूमि को सैन समाज कल्याण सभा को हस्तांतरित करने की मंजूरी दे दी है। वहीं, जुलाना में आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के मेधावी बच्चों की शैक्षणिक उन्नति के लिए नगरपालिका समिति जुलाना की 510.04 वर्ग मीटर भूमि को ब्राह्मण सभा को कलेक्टर दर के 50 प्रतिशत की रियायती दर पर करेगी।