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टेंपरेरी नंबर वाले ऑटो पुलिस रडार पर, 250 चेक किए

Mon, 20 Nov 2017 10:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, चंडीगढ़
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सीसीटीवी फुटेज - फोटो : CCTV futage
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21 वर्षीय युवती से सामूहिक दुराचार के मामले में चंडीगढ़ पुलिस के सभी थानों, क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और अन्य विंग के जांच में जुटे होने के बावजूद 72 घंटे बाद भी पुलिस के हाथ खाली हैं। वहीं एसएसपी ने सभी थानों के एसएचओ समेत पूरी थाना पुलिस को अपने-अपने एरिया में आरोपियों की तलाश में लगा दिया गया है।
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सोमवार से पुलिस ने टेंपरेरी नंबर के सभी ऑटो को खंगाला। पहले दिन करीब 250 टेंपरेरी नंबर के ऑटो चेक किए गए। हालांकि इतनी फोर्स और इंस्पेक्टर से लेकर कई डीएसपी तक केस की जांच में लगे होने के बावूजद पुलिस के हाथ अब तक खाली हैं।

एसएसपी निलांबरी विजय जगदाले के अनुसार आरोपियों की तलाश में सभी एसएचओ के अलावा थाने की पूरी फोर्स को लगा दिया गया है। सभी थानों को अलग-अलग एंगल से जांच करने को कहा गया है। वहीं मामले में यह बात सामने आने के बाद कि आरोपी जिस ऑटो में थे वह टेंपरेरी नंबर का है तो सोमवार को पुलिस ने शहर में चल रहे सभी टेंपरेरी नंबर के ऑटो की जांच की।
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पुलिस ने स्टेट ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी (एसटीए) से पिछले कुछ महीनों में खरीदे गए ऑटो की जानकारी मांगी थी। सोमवार को ऐसे 250 ऑटो की लिस्ट पुलिस को दी गई। इसके बाद पुलिस ने उस लिस्ट में मौजूद सभी नंबरों की वेरिफिकेशन की। वहीं संदिग्ध या आरोपियों के चेहरों से मिलते-जुलते लोगों की पीड़िता से पहचान करवाई गई। एसएसपी के अनुसार पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए क्राइम ब्रांच, ऑपरेशन सेल और साइबर सेल को भी मामले की जांच में लगाया हुआ है।

पीड़िता के हुए मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के बयान
सोमवार को पुलिस ने पीड़िता के जिला अदालत में मजिस्ट्रेट के समक्ष सीआरपीसी की धारा 164 के तहत बयान दर्ज करवाए। सूत्रों के अनुसार पीड़िता ने अपने बयान में एफआईआर में दी शिकायत की बात दोहराई है। पीड़िता ने मजिस्ट्रेट के समक्ष पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। साथ ही मीडियाकर्मियों को भी उससे दूर रहने की अपील की है।

पीड़िता ने उसके साथ हुई वारदात के बाद से ट्रामा में होने की बात कही है। अदालत ने इस बारे में पुलिस को भी सख्त हिदायत दी है। साथ ही पीड़िता से जुड़ी किसी भी तरह की जानकारी लीक न होने देने के आदेश दिए हैं। साथ ही कहा कि कोई भी डॉक्यूमेंट ऑनलाइन भी न किया जाए।

यह दी थी पुलिस को शिकायत
मूलरूप से देहरादून निवासी युवती ने पुलिस में दी शिकायत में कहा था कि, वह सेक्टर-17 में प्राइवेट जॉब करती है। शुक्रवार शाम को वहां से वह सेक्टर-37 में स्टेनो की कोचिंग के लिए आई थी। कोचिंग से करीब 7 बजे फ्री हुई।

यहां से वह फोन पर घरवालों से बात करते हुए ऑटो पकड़ने के लिए मेन रोड पर आई। फोन पर बात करते ही उसने ऑटो रुकवाया। उसके बाद उसमें बैठ गई। उसमें पहले से दो सवारियां बैठी हुई । आगे जाकर चालक ने डीजल भरवाने की बात कहते हुए ऑटो को सेक्टर-42 की ओर मोड़ लिया। पेट्रोल पंप के पास ही आकर ऑटो रुक गया।

इसके बाद चालक वह दोनों सवारियां ऑटो को धक्का मार अंदर ले गए। वहां से उन्होंने पेट्रोल भरवाया और उसके बाद सेक्टर-43 के राउंड अबाउट से यू-टर्न लिया। इसके बाद जैसे ही वह ऑटो से सेक्टर-53 पहुंचे तो आरोपी ने ऑटो को स्लीप रोड पर ले लिया। आगे जाकर उसने ऑटो खराब होने का नाटक करते हुए ऑटो रोक लिया। इस पर युवती ऑटो से उतर गई और चालक को पैसे देने लगी। इसी दौरान पीछे बैठे दोनों युवकों ने उसे अंदर खींच लिया। इसके बाद तीनों उसे ऑटो से निकाल पास ही जंगली एरिया में ले गए।

वहां तीनों ने मिलकर उससे दुष्कर्म किया। पुलिस को दी शिकायत के अनुसार पीड़िता को आरोपियों ने शोर मचाने और इस बारे में बाद में किसी को कुछ भी बताने पर चाकू से जान से मार देने की धमकी दी। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी वहां से फरार हो गए और पीड़िता का मोबाइल भी साथ ले गए। पीड़िता किसी तरह सड़क पर पहुंच एक बाइक सवार को रोका और उसके फोन से पुलिस को सूचना दी थी।

आरोपियों के बारे में पुलिस को दी जानकारी
एसएसपी जगदाले के अनुसार आरोपियों के बारे में कुछ लोगों ने जानकारी दी है। हालांकि वे लोग उनके बारे में कुछ पुख्ता जानकारी तो नहीं दे पाए हैं, लेकिन इतना जरूर बताया है कि आरोपियों के चेहरे जाने पहचाने हैं। कुछ ऑटो चालकों ने पुलिस को चालक के बारे में जानकारी दी है, लेकिन वह काफी नहीं है।

फाइनेंस एंड रिकवरी वालों से भी मांगी जानकारी पुलिस ने शहर की फाइनेंस और रिकवरी कंपनियों से भी ऐसे टेंपरेरी नंबर के ऑटो की जानकारी मांगी है, जो लोन न चुकाए जाने के कारण कब्जे में ले लिए गए हैं। या फिर जो लोन के पैसे नहीं दे रहे हैं।

चंडीगढ़, अंबाला रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर पुलिस की खास नजर
वारदात के बाद से ही पुलिस ने चंडीगढ़ और अंबाला के रेलवे स्टेशनों और चंडीगढ़ के सेक्टर-17, 43 बस अड्डों पर खास नजर रखी हुई है। आरोपियों के यूपी-बिहार से होने की संभावना और उनके फरार होने के लिए यहां आने की संभावना के मद्देनजर पुलिस यहां पूरी चौकसी बरत रही है।

बच्चे के बीमार होने की दी थी दुहाई, पुलिस ने खंगाले अस्पताल पीड़िता ने पुलिस को बताया था कि आरोपी ऑटो चालक ने उसे अपने बच्चे के बीमार होने की दुहाई दी थी। साथ ही बताया था कि वह अस्पताल में भर्ती है। पुलिस ने चंडीगढ़ और मोहाली के अस्पतालों में जाकर जांच की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। अदालत ने भी पुलिस को सभी अस्पतालों की जांच करने के आदेश दिए, लेकिन जांच अधिकारी ने अदालत को बताया कि वह पहले ही सभी सरकारी और निजी अस्पतालों में जाकर जांच कर चुके हैं। वहां कुछ नहीं मिला।

मोहाली पुलिस ने सौंपी फुटेज
सूत्रों के अनुसार मोहाली पुलिस ने चंडीगढ़ पुलिस को कुछ सीसीटीवी फुटेज सौंपी हैं। ये फुटेज कुछ रूट की हैं, जहां से आरोपी वारदात के बाद फरार हुए थे। हालांकि पुलिस अधिकारियों के अनुसार उन फुटेज में कुछ खास हासिल नहीं हुआ है। वहीं फुटेज भी साफ नहीं हैं।
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