चंडीगढ़। डड्डूमाजरा के डंपिंग ग्राउंड पर गीले कचरे के लिए अस्थायी प्लांट लगने का रास्ता साफ हो गया है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देशों को देखते हुए नगर निगम ने टेंडर में आई सिर्फ एक कंपनी को मंजूरी दे दी है। मंगलवार को वित्तीय बोली खोली जाएगी। शहर में रोजाना करीब 374 टीडीपी गीला कचरा उत्पन्न होता है, जिसमें से करीब 200 टीडीपी गीले कचरे को ही प्रोसेस किया जा रहा है। बाकी बचे 174 टीडीपी को डंपिंग ग्राउंड में रोजाना गिराया जा रहा है। इस नए अस्थायी प्लांट में इसी बचे हुए कचरे को प्रोसेस किया जाएगा। निगम का दावा है कि यह प्लांट अस्थायी है और सिर्फ दो साल के लिए होगा, क्योंकि इस बीच में निगम की तरफ से 550 टीडीपी का इंटीग्रेटेड प्लांट तैयार हो जाएगा। इसके लिए ही नगर निगम ने 8 करोड़ का टेंडर जारी किया था, जिसमें सिर्फ एक कंपनी ने ही हिस्सा लिया। एक कंपनी के शामिल होने पर इसे मंजूरी दी जा सकती है या नहीं, इसे लेकर असमंजस था लेकिन सोमवार को निगम ने नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल के निर्देश को देखते हुए टेंडर में आई एक ही कंपनी को मंजूरी दे दी है। अब मंगलवार को वित्तीय बोली खोली जाएगी। निगम को कोशिश है कि इस प्लांट को 31 दिसंबर 2023 से पहले चालू कर दिया जाए। इसके अतिरिक्त निगम की एक महत्वाकांक्षी एकीकृत ठोस अपशिष्ट प्रबंधन (आईएसडब्ल्यूएम) पर काम चल रहा है, जिसके दिसंबर 2025 तक चालू होने का अनुमान है।